आरएस पुरा / अरनिया। गांव की पंचायत के सरपंच ज्योती बाजवा का कहना है कि केवल कृष्ण दो भाइयों में बड़ा था। वह बहुत मेहनती था। रणबीर नहर कार हादसे में उसकी पत्नी सुरजीत कुमारी की मौत हो गई। पोती प्राची व दोतरी मानसी की भी जान चली गई। इनका अंतिम संस्कार एक साथ गांव बहादुर पुुर के श्मशान घाट में शनिवार शाम को किया गया।
बताया जा रहा है कि सतवारी में रिशतेदारों के यहां दूसरी कार में अजय कुमार पुत्र कुलदीप सिंह भी था, जिसने दुर्घटना के बाद गांव में इसकी जानकारी देने पर गांव के कई लोग रात को ही मरालिया डाक बंगला के पास पहुंच गए थे। अजय सहित अन्य लोगों ने रात को केवल कृष्ण व सुरजीत कुमारी सहित अन्य की पुलिस के साथ मिलकर तलाश की थी। केवल कृष्ण व सुरजीत के शव मिलने पर केवल कृष्ण की सांस चलने पर जीएमसी ले जा रहे थे। उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद गांव बहादुरपुर में हर एक दुखी था। एक ही परिवार के चार लोगों की इस दुर्घटना में चल बसे। इन लोगों के शव गांव में पहुंचने पर मातम पसरा रहा। वहीं दूसरी और जिस घर में शादी थी। इस दुख बड़ी घटना के बाद सभी लोग उस पल को याद कर रहे थे। जब गीत-संगीत कार्यक्रम के बाद इस परिवार के लोग अपने घर लौटे थे उन्हें क्या पता था कि इस प्रकार की घटना घट जाएगी।
तीखे मोड़ पर नहर किनारे अवरोधक बनाने की मांग
मीरां साहिब। मरालिया पंचायत के पूर्व सरपंच व माकपा नेता किशोर कुमार ने कहा कि डाक बंगला के निकट तीखे मोड़ पर कार के रणबीर नहर में गिरने से हुई तीन लोगों की मौत और एक के लापता होने पर दुख व्यक्त किया है।
साथ ही इसे प्रशासन की लापरवाही बताया है। उनका कहना है कि यहां पूर्व में भी इस तरह के हादसे हो चुके हैं लेकिन प्रशासन या सिंचाई विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया है। प्रशासन को यहां ऐसा अवरोधक बनाना चाहिए जिससे आने जाने वाले लोग सतर्क हो जाएं और वे हादसे का शिकार न हों।
उक्त स्थान से थोड़ी दूूरी पर रहने वाले सेवानिवृत्त हेड मास्टर वरीता राम का कहना है कि अगर प्रशासन की ओर से नहर किनारे अवरोधक बनाए जाते तो नहर में कार नहीं गिरती। इसका शीघ्र समाधान करने की जरूरत है। जम्मू-कश्मीर पीपुल सेक्युलर फोरम के प्रधान कुंदन लाल शर्मा का कहना है कि एक साथ दो मासूम बच्चों सहित कुल चार लोगों की जान चली गई। उन्होंने कहा कि सड़क व भवन निर्माण विभाग द्वारा अब सड़क पर स्पीड ब्रेकर नहीं बनाए जाते। उक्त स्थान से थोड़ी दूर पर पहले स्पीड ब्रेकर थे, लेकिन सड़क पर तारकोल डालने पर उन्हें वहां से हटाया गया था।
सूचना मिलते ही गांव में मचा कोहराम
अपने रिश्तेदारों के यहां गीत संगीत के कार्यक्रम के बाद लौटते परिवार के लोगों की जान चली जाने पर गांव बहादुर पुर के लोगों को जानकारी मिलने पर गांव में कोहराम मच गया। हर कोई इस दुखद दुर्घटना के चलते तीन लोगों की मौत और एक के लापता होने से स्थानीय लोग सदमे में हैं। गांव के कुलदीप कुमार ने कहा कि केवल कृष्ण एक नेक आदमी थे। गाड़ियां ठीक करने का काम करते थे।
पार्षद द्वारका चौधरी ने कहा कि वह गांव बहादुर पुर के रहने वाले हैं। दुर्घटना में मारे गए परिवार के लोग सगे संबंधी थे। कुलदीप पर ही परिवार निर्भर था। दुर्घटना में उनकी जान चले जाने पर परिवार के लोगों के लिए काफी मुश्किल होगी। उक्त स्थान पर अभी तक पांच बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। प्रशासन को चाहिए कि तीखे मोड़ पर बांध बनाया जाए ताकि कोई वाहन नहर में न गिरे। सरकार से परिवार की सहायता करने की मांग की। मीरां साहिब थाना प्रभारी सुल्तान मिर्जा का कहना है कि पुलिस मामला दर्ज कर इस मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।