केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने विस्थापित कश्मीरी पंडितों को घाटी में बसाने के लिए पहले चरण में 50 एकड़ जमीन चिन्हित करने का वादा किया है।
अपने मंत्रालय के अनुदान मांगों पर दो दिनों तक चली चर्चा के जवाब में राजनाथ ने विस्थापित कश्मीरी पंडितों को घाटी में बसाने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहरायी। इससे पहले आई रिपोर्टों में कहा गया था कि सरकार घाटी में तीन से चार मिश्रित टाउनशिप बसाना चाहती है।
श्रीनगर और अनंतनाग में बनने वाली प्रत्येक टाउनशिप में 2,500 विस्थापित परिवारों को बसाने के लिए आधे फ्लैट उनके के लिए आरक्षित करने, जबकि आधे कश्मीरी मुसलिम परिवारों को बेचने की बात कही गई है।
घाटी के अलगाववादियों ने सरकार के इस कदम का विरोध किया है। उनका दावा है कि बस्ती बनाने से समस्या और जटिल हो जाएगी। अलगाववादियों ने कश्मीरी पंडितों से मूल घर में लौटने की अपील की है।