जेल विभाग ने श्रीनगर सेंट्रल जेल के जेल अधीक्षक से लेेकर संतरी तक के मोबाइल नंबर की काल डिटेल मांगी है। सबकी काल डिटेल खंगाली जा रही है। इसके अलावा नवीद की किस किस से बात होती थी। इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है।
किसी से मिलने नहीं दिया जाता था
डीआईजी का कहना है कि आतंकी नवीद विदेशी आतंकी था। इसलिए उससे किसी को मिलने नहीं दिया जाता था। हालांकि कोर्ट में उसे ले जाया जाता था। अस्पताल में भी उसे कई बार ले जाया गया था। उससे कौन लोग मिलते थे और वह क्या करता है।
इसकी फिलहाल जांच की जा रही है। अभी तक जेल विभाग के किसी ऐसे कर्मचारी या अधिकारी का पता नहीं चला कि जिसने उसकी मदद की हो। न ही किसी को सस्पेंड किया गया है।