पड़ोसी राज्य पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) की जीत ने जम्मू कश्मीर की सियासी फिजा को भी प्रभावित कर दिया है। आठ अप्रैल को जिला विकास परिषद के सदस्य तरनजीत सिंह टोनी समेत कई बीडीसी व 250 के करीब सरपंच व पंच आप में शामिल हो जाएंगे। यहीं नहीं, कई छोटे दल भी आप में विलय की तैयारी कर रहे हैं।
जिला विकास परिषद के सदस्य तरनजीत सिंह टोनी ने आठ अप्रैल को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी में शामिल होने की पुष्टि करते हुए कहा कि देश में आम आदमी पार्टी की दिल्ली में सरकार ने विकास का नया मॉडल देश के समक्ष प्रस्तुत किया हैं।
पंजाब की सरकार भी इस दिशा में तेजी से काम में जुट गई है और जन आकांक्षाओं को पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग आम आदमी पार्टी की तरफ आशा भरी नजरों से देख रहे हैं। आठ अप्रैल को उनके साथ कई बीडीसी अध्यक्ष व 250 के करीब सरपंच व पंच आम आदमी पार्टी में शामिल हो जाएंगे।
कई छोटे दल भी आम आदमी पार्टी में विलय कर सकते हैं। धर्म व क्षेत्रवाद की राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश के लोग विकास का मॉडल चाहते हैं। नई दिल्ली में आप में शामिल होने के दौरान आप प्रमुख एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जम्मू कश्मीर आने का न्यौता भी दिया जाएगा।
सियासी समीकरण बदलेंगे नए दल
जम्मू कश्मीर के सियासी परिदृश्य में कई नए दलों का पदार्पण होने से आगामी विधानसभा चुनाव में इस बार मुकाबला काफी रोमांचक होगा। जम्मू-कश्मीर में अब तक भाजपा, कांग्रेस और नेकां व पीडीपी के अलावा पैंथर्स ही सियासी पृष्ठ पर रही हैं।
2019 में जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन के बाद कई नए दल जिसमें अपनी पार्टी, आम आदमी पार्टी, इकजुट जम्मू जैसे दल भी जनाधार बटोरने में लग गए हैं ताकि विधानसभा चुनाव में दमखम दिखा सकें। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव इस बार काफी दिलचस्प हो सकता है।