उच्च न्यायालय ने अपने 22 साल पुराने आदेश पर अमल न होने पर नाराजगी व्यक्त की है। साथ ही शिक्षा विभाग के आयुक्त सचिव रहे असगर सामून को निजी तौर पर न्यायालय आने को कहा है।
उच्च न्यायालय ने अपने 22 साल पुराने आदेश पर अमल न होने पर नाराजगी व्यक्त की है। साथ ही शिक्षा विभाग के आयुक्त सचिव रहे असगर सामून को निजी तौर पर न्यायालय आने को कहा है। अनीता कुमारी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायाधीश मोहन लाल की खंडपीठ ने यह आदेश दिया।
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अनीता समेत 9 अन्य शिक्षकों को स्थायी करने का आदेश 1999 में दिया गया था। जिसका अब तक पालन नहीं हुआ। खंडपीठ ने अपीलकर्ता को 22 सालों का मुआवजा देने के लिए भी कहा है। 17 दिसंबर को इस मामले पर फिर से सुनवाई होगी। असगर सामून को निजी तौर पर न्यायालय में आने के लिए कहा गया है। हालांकि सरकारी वकील ने न्यायालय में बताया कि आदेश को लागू करने में कुछ दुविधा थी। इसके लिए दो हफ्तों का वक्त मांगा गया है। जेएनएफ