शनिवार सुबह डल झील में दो हाउसबोट अचानक धू धू कर जल उठीं। बताया जा रहा है कि सुबह सात बजे एक हाउसबोर्ट में लगी आग की लपटें साथ सटी दूसरी हाउसबोट में भी फैल गईं।
हाउसबोट से निकलतीं आग की लपटों को देखकर पास ही स्थित सीआरपीएफ कैंप के वाटर विंग के जवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों हाउसबोट में ठहरे 12 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला।
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साथ ही हाउसबोट स्टाफ को भी बचाया। मौके पर दमकल भी बुलाईं गईं। पर तब तक दोनों हाउसबोट पूरी तरह जल चुकीं थीं।
CRPF जवानों ने हाउसबोट स्टाफ को भी सुरक्षित निकाला
हालांकि, सीआरपीएफ की 144 बटालियन के जवानों और दमकल के प्रयास से साथ सटीं अन्य सात हाउसबोट को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया।
सीआरपीएफ प्रवक्ता भावेश चौधरी ने बताया कि तत्काल कार्रवाई होने से बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने बताया कि प्राथमिक तौर पर आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है।
माना जा रहा है कि दो हाउसबोट के जलने से आठ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। आग लगने की घटना को लेकर पर्यटकों में काफी दहशत रही।
बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह बशीर अहमद की हिमांयु और अल्ताफ अहमद की यंग गोल्डन हाउस बोट में आग लग गई। इनमें एक दर्जन पर्यटक और इतने ही हाउसबोट में काम करने वाले मौजूद थे।
अचानक हाउस बोट की किचन से धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते किचन में लगी आग ने दोनों हाउस बोट को अपनी चपेट में ले लिया। यह देख पर्यटकों ने शोर मचाया।
जानकारी पाते ही सीआरपीएफ कर्मी और स्थानीय लोग मदद के लिए आगे बढ़े। कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।