पंजर पंचायत के सद्दल गांव में मलबे के नीचे से शवों के मिलने का सिलसिला जारी है। शनिवार को तलाशी अभियान के दौरान दो और शव बरामद किए गए। इस तरह अब यहां मृतकों की संख्या 12 तक पहुंच गई है। हालांकि 40 के करीब लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। इस बीच केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शनिवार को सद्दल गांव का दौरा किया।
हेलीकाप्टर से हवाई निरीक्षण करने के बाद डॉ. सिंह ने जिला प्रशासन के साथ बैठक भी की। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस के जवान मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश में जुटे हैं। शनिवार को बरयाम सिंह और पृथ्वी सिंह का शव मलबे से निकाला गया। पंचैरी से आगे पंजर तक रास्ता भी खुल गया है। जबकि सद्दल गांव तक अब भी मार्ग नहीं है।
चार पांच किलोमीटर तक पहाड़ी पूरी धंस गई है। इन शवों की तलाश के लिए जेसीबी से खुदाई जरूरी हो गई है। लेकिन पहाड़ी की शक्ल ही ऐसी हो गई है कि वहां जेसीबी कई महीनों तक नहीं पहुंच सकती है। जेसीबी पहुंचाने के लिए मार्ग ही नहीं है। संभावना जताई जा रही है कि काफी लोग नीचे दब गए होंगे। सेना के कुत्ते भी इन शवों को तलाशने में कोई खास मदद नहीं कर रहे हैं।
शवों की संख्या इतनी है कि बदबू के कारण उन्हें तलाशना मुश्किल हो रहा है। किसी तरीके से अंदाज से जमीन को खोदकर मृतकों को तलाशने का काम जारी है। ड्रील मशीन और हाथ से चलने वाले आधुनिक उपकरण ही राहत कार्य में जुटी टीमों का सहारा है। जिलाधीश यशा मुद्गल के अनुसार सद्दल में राहत एवं बचाव कार्य जारी है। लोगों को मुफ्त राशन आदि सामान मुहैया कराया जा रहा है।