धोखाधड़ी के उद्देश्य से राजस्व विभाग में फर्जी एंट्री करने के एक मामले में जम्मू के भ्रष्टाचार निरोधक विशेष जज संजय धर की अदालत ने आरोपियोें के खिलाफ आरोप तय कर दिए। आरोपियों में हलका तरफ ब्राह्मणा के तत्कालीन पटवारी हिम्मत सिंह (अब सेवानिवृत्ति), पटवारी सरदारी लाल (बिश्नाह) और लालदीन (निवासी बिश्नाह) शामिल हैं।
मामले के अनुसार मंगत अली, जमाल दीन और मुनीर हुसैन (तीनों भाई) ने तत्कालीन डीआईजी क्राइम को शिकायत की कि उनके पिता के पास बिश्नाह तहसील के तरफ ब्राह्मणा में पिछले 40 साल से 44 कनाल और दस मरला शामलाट जमीन है। 1985 में लालदीन ने उनके पिता से रहने की जगह मांगी और तब से उनके पिता के साथ रह रहा था।
उनके पिता और मां की मौत के बाद लालदीन ने उन्हें धमकी देते हुए कहा कि राजस्व विभाग में पूरी जमीन उनके नाम है। इस संबंध में शिकायतकर्ता ने जमीन का रेवेन्यू रिकार्ड दिखाया, जिससे पता चलता है कि उक्त जमीन शिकायतकर्ता के पिता के नाम थी।
राजस्व विभाग के अधिकारियों ने 1971 में खरीफ में फर्जी एंट्री कर सारी जमीन लालदीन के नाम कर दी, जबकि जमीन गैरमुमकिन एक के खाते में है। विभाग के अधिकारियों ने रिकार्ड में एग्रिगेरियन रिफोर्म एक्ट की धारा चार में परिवर्तन करते हुए सारी जमीन लालदीन के नाम दर्शा दी।
इसके अलावा आरोपी ने कभी भी लेवी अदा नहीं की। अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गैरकानूनी ढंग से लालदीन को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया। उसी गलत एंट्री की बदौलत लालदीन शिकायतकर्ता भाइयों को धमकी देता था। रिपोर्ट के आधार पर क्राइम ब्रांच ने आरोपियोें के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान अधिकारी ने राजस्व विभाग का रिकार्ड कब्जे में लेने के अलावा अभियोजन गवाहों के रिकार्ड कलमबंद किए। इसमें यह स्पष्ट हुआ कि राजस्व अधिकारियों ने लालदीन को लाभ देने के लिए गलत एंट्री कीं। जांच के आधार पर चालान पेश किया गया। जेएनएफ