जम्मू। जम्मू-कश्मीर स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल का कार्यकाल खत्म होने के साथ ही नई काउंसिल के गठन के लिए सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी माह की चार तारीख को काउंसिल के चार साल पूरे होने के साथ ही सूची में नए चेहरों को शामिल करने के लिए कई खेमे सक्रिय हो गए हैं।
मुख्यमंत्री एवं काउंसिल के प्रधान उमर अब्दुल्ला और युवा सेवा एवं खेल मंत्री एवं उपप्रधान ताज मोहिउद्दीन नए सदस्यों के नाम पर मुहर लगाएंगे। काउंसिल के जम्मू से संयुक्त सचिव सिद्धार्थ शर्मा का कहना है कि काउंसिल का कार्यकाल खत्म होे चुका है लेकिन नई काउंसिल के गठन को लेकर अभी कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि सोसायटी रजिस्टर्ड एक्ट के तहत अगस्त 1959 में जम्मू-कश्मीर स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल को पंजीकृत किया गया था। इसमें 22 फाउंडर सदस्यों को शामिल किया गया। काउंसिल की पहली बैठक 5-11-1959 को बुलाई गई, जिसके बाद 27 जून 1960 को काउंसिल का संविधान बनाया गया। 23 अप्रैल 2001 को संविधान में संशोधन करके काउंसिल के सदस्यों की संख्या बढ़ाकर 29 की गई। इसमें काउंसिल के प्रधान पद की जिम्मेदारी मौजूदा मुख्यमंत्री और उपप्रधान पद पर खेल मंत्री रहते हैं। इसके अलावा आयुक्त सचिव तकनीकी शिक्षा युवा सेवा एवं खेल विभाग को कोषाध्यक्ष का काम दिया जाता है।
संविधान के तहत सदस्यों द्वारा उनमें से एक सदस्य को सचिव को नामित किया जाता है। इसके अलावा संयुक्त सचिव कश्मीर और संयुक्त सचिव जम्मू की नियुक्ति की जाती है लेकिन पिछले कुछ साल से सरकार की ओर से सचिव पद पर किसी अधिकारी की नियुक्ति की जा रही है। काउंसिल के गठन के बाद स्टैंडिंग कमेटी का गठन किया जाता है। काउंसिल के किसी भी अहम फैसले पर स्टैंडिंग कमेटी की मुहर लगने के बाद ही उसे मंजूरी मिलती है। कमेटी के छह सदस्यों में तीन जम्मू और इतने ही श्रीनगर से लिए जाते हैं। इसके अलावा संयुक्त सचिव, खेल मंत्री, खेल सचिव आदि शामिल रहते हैं। हाल ही में अपना कार्यकाल खत्म करने वाली काउंसिल में स्पोर्ट्स पालिसी के ड्राफ्ट को कैबिनेट और स्टैंडिंग कमेटी में मंजूरी मिले बिना ही अमल में लाने का भी विरोध हुआ है। इसमें जम्मू-कश्मीर ओलंपिक एसोसिएशन के अलावा काउंसिल के ही कुछ सदस्यों ने सवाल उठाए थे। कुल मिलाकर नई स्पोर्ट्स काउंसिल के गठन को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं।