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महंगाई और सुविधाएं नहीं मिलने पर मजदूरों ने किया प्रदर्शन

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उधमुपर। दिन प्रतिदिन बढ़ रही मंहगाई और सरकारी सुविधाओं से वंचित किए जाने के विरोध में सोमवार को मजदूर दस्तकार यूनियन ने एमएच चौक इलाके में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण मजदूर वर्ग महंगाई की मार झेलने को मजबूर है। वहीं दूसरी तरफ सरकारी सुविधाओं से वंचित कर उनकी परेशानी को दुगना कर दिया है। सरकार के पास सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता व अन्य सुविधाएं देने के लिए पैसा है, लेकिन मजदूरों की बेटियों की शादी के लिए पैसा नहीं है।
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दोपहर करीब 12 बजे मजदूरों ने मजदूर दस्तकार यूनियन के जिला प्रधान दर्शन कुमार के नेतृत्व में एमएच चौक इलाके में विश्वकर्मा मंदिर के बाहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान दर्शन कुमार ने कहा कि मौजूदा समय में महंगाई की सबसे ज्यादा मार मजदूर वर्ग झेल रहा है। महंगाई तीन गुणा अधिक बढ़ गई है, जबकि आमदनी पहले से कई गुणा कम हो गई है। उनके लिए अपने परिवार को दो वक्त की रोटी देना भी मुश्किल होता जा रहा है। सरकार दिन प्रतिदिन सरकारी कर्मचारियों को लाभ प्रदान कर रही है, जबकि मजदूरों के लिए उनके पास कुछ नहीं है। लेबर कार्ड बनने के बाद श्रम विभाग की तरफ से उनके बच्चों को स्कूल व कालेज में पढ़ने के लिए स्कालरशिप की सुविधा मिलती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से ज्यादातर मजदूरों के बच्चों को स्कालरशिप नहीं मिली है। सरकार की तरफ से मजदूरों को बेटी की शादी के लिए 25 हजार रुपये की मदद मिलती थी।
लेकिन 2016 से इसको बंद कर दिया गया है। इसके कारण भी मजदूरों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पांच वर्ष से मजदूर बेटी की शादी के लिए उधार लेकर गुजारा कर रहे हैं। सरकार ने उनको 35 किलो राशन देने की सुविधा को भी बंद कर दिया है। मजदूूरों को आज तक पेंशन की सुविधा नहीं मिल सकी है। देश के कई राज्यों में 60 वर्ष से अधिक उम्र के मजदूरों को पेंशन दी जा रही है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में मजदूरों को इस सुविधा से महरूम रखा जा रहा है। विधवा, दिव्यांग, वृद्ध को आज भी केवल एक हजार रुपये पेंशन दी जा रही है। सरकार के पास सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता बढ़ाने के लिए पैसा है, लेकिन गरीबों की पेंशन बढ़ाने को पैसा नहीं है।
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