उधमपुर। देविकानगर शहर में दिनप्रतिदिन पानी किल्लत बढ़ती जा रही है। कई परियोजनाएं होने के बावजूद शहर और आसपास के ग्रामीणों की रोजाना की 20 लाख गैलन से अधिक पानी की कमी को पूरा नहीं किया जा सकता है। हर मौसम में यहां पर पानी का संकट रहता है, जिस कारण लोग प्राकृतिक जलस्रोंतों पर निर्भर हैं। इसी समस्या को दूर करने के लिए जलशक्ति विभाग ने फिर से वेणी संगम से उधमपुर शहर तक पानी पहुंचाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
इसके लिए हाईवे के साथ-साथ 35 किलोमीटर लंबी लाइन बिछाने की योजना है, जिसके लिए 200 करोड़ की प्री-रिपोर्ट बना कर सरकार को भेजी है। अगर योजना को मंजूरी मिलती है तो जहां लोगों भरपूर पानी मिलेगा वहीं वह घर बैठे ही मिनी हरिद्वार के नाम से प्रसिद्ध और गंगाजल के समान पानी पी पाएंगे।
विभाग ने इसकी फाइल तैयार कर सचिवालय भेजी गई है। अगर इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल जाती है और यह बन जाता है तो फिर जलशक्ति विभाग को शहर व साथ लगते इलाकों में पानी की सप्लाई देने के लिए नया फिल्ट्रेशन प्लांट व अन्य कोई प्रोजेक्ट तैयार नहीं करना पड़ेगा। अब सिर्फ मंजूरी मिलने का का इंतजार है।
कई योजनाएं होने के बावजूद आज भी देविकानगरी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत को दूर नहीं किया जा सका है। आज भी 20 लाख से अधिक गैलन पानी की कमी है। 2017 में जलशक्ति विभाग ने एक योजना पर काम शुरू किया था। इसके तहत शहर से करीब 35 किलोमीटर दूर वेणी संगम के प्राकृतिक जल स्रोत से पानी शहर पहुंचाने की योजना तैयार की। इसके लिए करीब 121 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया था। विभाग ने प्रोजेक्ट की रिपोर्ट तैयार कर सरकार के पास भेजी, लेकिन मंजूरी नहीं दी। अनुच्छेद 370 हटने के साथ ही जलशक्ति विभाग ने फिर से इस योजना पर काम शुरू किया है और कुछ माह पहले रिपोर्ट सरकार को भेजी गई है। इस पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
वेणी में होता है तवी और देविका नदी का संगम
तवी और देविका नदी के संगम वाले स्थान को वेणी संगम के नाम से जाना जाता है। इसी पानी को ग्रेविटी के जरिए शहरवासियों तक पहुंचाने की योजना तैयार की गई थी। इस स्थान पर इतना ज्यादा पानी है कि इसी पानी से कई साल से चिनैनी हाइडल प्रोजेक्ट तीन स्टेज पर बिजली भी तैयार कर रहा है।
हाईवे कोरिडोर के जरिए बिछानी है लाइन
रिपोर्ट बताया गया है कि फोरलेन राजमार्ग के तैयार होने के बाद वेणी संगम से पाइप लाइन राष्ट्रीय राजमार्ग के कोरिडोर के जरिए शहर तक लाई जाएगी। पूरी लाइन राजमार्ग के किनारे पर बिछा कर शहर तक पहुंचानी है और फिर शहर में पानी की सप्लाई देनी है।
वेणी संगम के प्रोजेक्ट के लिए फिर से प्रयास शुरू किए हैं। इसके लिए प्री-रिपोर्ट तैयार कर भेज दी गई है। इसके लिए अभी एक सर्वे करवाना है। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल जाए। अगर मंजूरी मिल जाती है और प्रोजेक्ट तैयार हो जाता है, तो शहरवासियों को कभी पानी की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
- ताज चौधरी, एक्सईएन, जलशक्ति विभाग