फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Udhampur News: कब जागेंगे... गट्टू ने फिर काटी जीवन की डोर

विज्ञापन
आदर्श कालोनी में पतंगबाजों की जांच करने पहुंचे थाना प्रभारी व उनकी टीम। 
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

उधमपुर। जानलेवा गट्टू डोर ने एक बार फिर जीवन की डोर काट डाली। इसके लिए हम सब जिम्मेदार हैं। आए दिन देख रहे हैं कि इस डोर से लोग लहूलुहान हो रहे हैं। हाथ-गले कट रहे हैं। हमारे साथ भी यह हो सकता है।
आखिर युवा क्यों नहीं मान रहे। यह कैसी सनक है। क्या कोई शौक किसी की जिंदगी से बढ़कर है। यह सवाल निटल हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल अजय गुप्ता, समाज सेवक सुभाष शर्मा और उधमपुर व्यापार मंडल के अध्यक्ष जतिंदर बरमानी ने शनिवार को उठाए।
विज्ञापन

उधमपुर के गढ़ी इलाके में शनिवार को गट्ट डोर से गला कटने से युवक की हुई मौत ने सभी झकझोर कर रख दिया। इस घटना से लोगों में आक्रोश भी है। पाबंदी लगी होने के बावजूद शनिवार को रक्षाबंधन पर्व पर गट्टू डोर का खुलकर इस्तेमाल हुआ। हालांकि पुलिस ने कई जगहों पर दबिश भी दी।
उधर पुलिस प्रशासन ने अब सख्ती बरतने का निर्णय किया है। जो कोई बच्चा या युवा गट्टू डोर का इस्तेमाल करते पकड़ा गया, उसके साथ-साथ उसके परिवार वालों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हादसे के बाद थाना प्रभारी रघुवीर सिंह चौधरी ने आदर्श काॅलोनी सहि कई इलाकों का दौरा किया और टीम के साथ कई घरों की छतों पर पतंगबाजी के दौरान इस्तेमाल की जा रही डोर की भी जांच की। इस दौरान कई युवाओं म्यूजिक सिस्टम लगाकर छतों पर हुल्लड़बाजी करते भी नजर आए। जिन्हें ऐसा करने से रोका गया क्योंकि लापरवाही के कारण छत से गिरने से भी हादसा हो सकता था।
विज्ञापन

रक्षाबंधन के पर्व पर पतंगबाजी की प्रथा सदियों से चली आ रही है लेकिन कुछ लोगों का स्वार्थ और युवाओं की सनक आम आदमी की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है। लगभग 19 साल पहले ओमाड़ा मोड़ इलाके में अपने दादा को स्कूटी पर जा रहे छात्र की गट्टू डोर की वजह से गला कटने से मौत हो गई थी। शनिवार को रक्षाबंधन पर्व पर एक बार फिर गट्टू ने एक बहन से उसका भाई छीन लिया तो एक मां की उसकी औलाद।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें