संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जम्मू-कश्मीर औषधीय पादप बोर्ड, आयुष निदेशालय की तरफ से जिला प्रशासन के सहयोग से ''औषधीय पादप क्षेत्र में संरक्षण, खेती और उद्यमिता को बढ़ावा देने'' पर जीडीसी बाॅयज उधमपुर में शनिवार को जिला स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें काफी संख्या में छात्रों ने भाग लिया।
इस अवसर पर एडीसी उधमपुर प्रेम सिंह मुख्य अतिथि थे। संगोष्ठी के दौरान, केवीके, एसकेयूएएसटी-जम्मू आदि विभिन्न संस्थानों के विषय विशेषज्ञों ने औषधीय पौधों के संरक्षण और वैज्ञानिक खेती पर गहन व्याख्यान दिए। इससे पहले कार्यक्रम की शुरूआत मुख्यातिथि की ओर से पारपंरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गई। इसमें औषधीय पौधों के संरक्षण के अलावा खेती करने और इस क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देने के उपायों व तौर तरीकों पर जागरूकता बढ़ाई गई।
जिला आयुष अधिकारी, डाॅ. सुरेखा पंडिता ने बताया कि इस एक दिवसीय जिला स्तरीय सेमिनार का उद्देश्य औषधीय पौधों के संरक्षण और उनकी खेती को बढ़ावा देना था। खासकर ऐसे औषधीय पौधों के संरक्षण पर खास जोर है जिनका वर्तमान में ज्यादा उपयोग नहीं हो रहा है लेकिन काफी स्वास्थ्य देखभाल में काफी ज्यादा महत्व रखते हैं।
उन्होंने कहा कि आज एलोपैथी की तरफ लोगों का ज्यादा झुकाव है। इसलिए हम औषधीय पौधों के संरक्षण और इसकी खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों और वनस्पति विज्ञान छात्रों को जागरूक रहें हैं। छात्रों को यह भी जागरूक किया गया है कि अगर वे औषधीय पौधों की खेती में उद्यम शुरू करना चाहते हैं तो विभाग उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगा।