उधमपुर। देविका घाट पर अनमोल के अंतिम संस्कार पर जमा लोग और पिता को लेकर आई एंबूलेंस। संवाद
- उपचाराधीन पिता रोते-बिखलते एंबुलेंस से पहुंचे पुत्र को मुखाग्नि देने, बाजार रहा बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। चिशोती आपदा में जान गंवाने वाले 16 वर्षीय अनमोल का बुधवार को देविका घाट में नम आंखों के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बडाली गांव सहित भारी संख्या में शहरवासियों और व्यापारियों ने अंतिम यात्रा में हिस्सा लिया।
जीएमसी में उपचाराधीन पिता और अन्य परिजन भी रोते-बिलखते एंबुलेंस के माध्यम से अंतिम संस्कार में पहुंचे। किश्तवाड़ के पाडर स्थित चिशोती गांव में 14 अगस्त को बादल फटने से आई आपदा का शिकार हुए बडाली निवासी शाम लाल और उनके परिवार के इकलौते चिराग अनमोल का शव लगभग छह दिन बाद मंगलवार को बरामद हुआ था। उसे देर शाम उधमपुर में पहुंचाया गया। जीएमसी में पोस्टमार्टम के बाद रिश्तेदारों को शव सौंप दिया गया।
बुधवार की दोपहर लगभग 12 बजे देविका स्थित श्मशानघाट पर अंतिम संस्कार किया गया। अनमोल के पिता शहर के मुख्य बाजार आर्य समाज गली में व्यापार करते हैं। आर्य समाज गली सहित आसपास के बाजार के व्यापारियों ने भी कारोबार बंद रख दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अंतिम यात्रा में हिस्सा लिया। इसके अलावा मृतक के गांव बडाली व आसपास के इलाकों सहित शहरवासियों ने भी नम आंखों के साथ अनमोल को अंतिम विदाई दी।
गौरतलब है कि मां चंडी की मचैल यात्रा में शामिल शाम लाल, उनकी पत्नी, बेटी और बेटा 14 अगस्त को चिशोती आपदा का शिकार हो गए थे। अनमोल को छोड़ बाकि तीनों को घायल अवस्था में जीएमसी जम्मू भर्ती कराया गया था। अनमोल का कोई सुराग नहीं लग पा रहा था। लगभग छह दिन पर रेस्क्यू टीम ने मलबे के साथ बड़ी चट्टानों को बारूद के साथ तोड़कर तलाश जारी रखी।
इस बीच अनमोल का भी शव बरामद हुआ। अनमोल के सकुशल होने की आस पूरी तरह से खत्म हो गई। शाम लाल को सिर और टांगों पर गंभीर चोटें आई हैं जबकि बेटी और उनकी पत्नी भी घायल हैं। बेटे के अंतिम दर्शन करने के लिए परिवार एंबुलेंस के जरिए देविका घाट पहुंचा था।