उधमपुर। धार रोड पर छह टायर से बड़े वाहनों पर प्रशासन की तरफ से लगाए गए प्रतिबंध से यातायात व्यवस्था में बहुत सुधार हुआ है। अब धार रोड पर जाम की परेशानी बहुत कम नजर आ रही है। वहीं, आदेश को अमल में लाने के लिए पुलिस ने गोल मेला इलाके में अतिरिक्त जवानों को तैनात किया है, जोकि ट्रकों की आवाजाही पर पूरी तरह से नजर रखे हुए है। छह से अधिक टायर वाले ट्रकों को अब जम्मू में बन टोल प्लाजा में टोल देकर ही उधमपुर से होकर गुजरना पड़ेगा।
करीब पांच वर्ष से धार रोड पर यातायात बुरी तरह से प्रभावित है। इसका सबसे बड़ा कारण सांबा के रास्ते ट्रकों को धार रोड से होकर उधमपुर पहुंचना है। यह ट्रक टोल बचाने और जल्द पहुंचने के चक्कर में फोरलेन राजमार्ग पर चलने के बजाए धार रोड के रास्ते उधमपुर पहुंचते हैं और फिर कश्मीर की तरफ निकल जाते हैं। जब यह ट्रक गोल मेला इलाके में पहुंचते हैं तो इनके कारण शहर में भी जाम की परेशानी बन जाती है और फिर शहरवासियों को भी इससे परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा इन ट्रकों के कारण कई शहरवासी दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं और इन दुर्घटनाओं में कई शहरवासियों ने जान भी गवा दी है।
लेकिन अब जिला प्रशासन इसको लेकर गंभीर हुआ है। प्रशासन ने सुबह से शाम तक शहर के अंदर से ट्रकों के गुजरने पर पहले से ही रोक लगाई हुई है और अब सांबा के रास्ते उधमपुर की तरफ आने छह से अधिक टायर वाले ट्रकों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। हर रोज सैकड़ों ट्रक सांबा-मानसर से होकर उधमपुर पहुंचते हैं और फिर कश्मीर की तरफ निकल जाते हैं। इनमें काफी संख्या में छह से अधिक टायर वाले ट्रक होते है। शहर के गोल मेला इलाके में धार रोड और फोरलेन राजमार्ग मिलता है। जब यह ट्रक चढ़ाई चढ़ कर फोरलेन राजमार्ग पर जाने लगते हैं और इनके कारण जाम लग जाता है और फिर को खुलने में घंटों लग जाते हैं। लेकिन अब प्रतिबंध लगने के बाद कई वर्षों के बाद गोल मेला इलाका खाली नजर आया। गोल मेला पर केवल यात्री व निजी वाहन चलते नजर आए।
मजालता व गोल मेला में पुलिस की तैनाती
इस आदेश को अमल में लाने के लिए मजालता व गोल मेला में पुलिस की अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं। इन ट्रकों को पहले मजालता में ही रोका जा रहा है। अगर कोई ट्रक किसी तरह से उधमपुर पहुंच जाता है तो इनको गोल मेला में पकड़ा जा रहा है और फिर इनको यही से वापस लौटाया जा रहा है।