किश्तवाड़। बादल फटने के बाद आई बाढ़ से होंजड़ गांव तबाह हो चुका है। राहत एवं बचाव टीमें मौके पर पहुंच कर जुटी हुई हैं। गांव में बिजली और पानी की व्यवस्था को बहाल करने के भी जोरशोर से प्रयास जारी हैं। यह जानकारी डीसी अशोक कुमार शर्मा ने प्रेसवार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि घटना के बाद एसएसपी शफकत हुसैन को टीम सहित मौके पर रवाना कर दिया गया था, जो अभी भी नेतृत्व कर रहे हें। उनके साथ एसडीएम मढ़वा मोहसिन रजा भी मोजूद हैं। डिवकाम, एडीजी सहित वहां जाकर स्थिति का जायजा लिया है। प्रभावितों के लिए टेंट व अन्य जरूरी सामान भेज दिया है। हर तरह से सरकार मदद कर रही है। पेयजल को सुचारू करने के लिए 800 मीटर पाइप और बिजली बहाली के लिए एक नया ट्रांसफार्मर और 20 खंभे भेजे हैं। उपराज्यपाल की घोषणा के अनुसार जिनकी मौत हुई है उनके परिजनों को प्रति 5 लाख रुपये देने हैं। इसके लिए शनिवार को पांच लोगों के अकाउंट नंबर आ गए हैं। प्रक्रिया पूरी होते ही राहत राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी। जो लोग लापता हैं कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उनकी राशि भी दी जाएगी। मचैल में फंसे यात्रियों को वहां से लाया जाएगा। इसके लिए शुक्रवार को टीमें रवाना कर दी गई थीं। एक दो-दिन में पाडर का दौरा कर स्थिति का जायजा लेंगे।
सात शव बरामद, 19 लोग लापता
डीसी ने बताया कि होंजड़ में हादसे में सात लोगों की जान गई है। उनके शव बरामद कर लिए गए हैं। अभी तक 19 लोग लापता हैं और अन्य 17 घायलों को रेस्क्यू कर पीएचसी दच्छन में लाया गया है। इसमें से कुछ को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। 19 घर बह गए हैं, जिसमें 17 पूरी तरह और दो को आंशिक नुकसान हुआ है। 21 गौशाला भी बह गए हैं। जिसमें 20 परिवार प्रभावित हुए हैं, जिनमें लोगों सहित लगभग 130 से अधिक मवेशी भी बह गए। 200 से अधिक उपजाऊ भूमि को नुकसान पहुंचा है। सरकारी राशन डिपों, पेयजल लाइनें, ट्रांसफार्मर व खंभों को भी काफी नुकसान पहुंचा है।