उधमपुर। शिक्षा विभाग की ओर से पंचायत सत्यालता में कहने को तो 11 सरकारी स्कूल बनाए गए हैं, लेकिन मौजूदा समय में हालत ऐसे हैं कि तीन स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। इससे बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।
स्थानीय लोग कई बार विभाग से इन स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा करने की गुहार लगा चुके हैं। लेकिन सिवाए आश्वासन के कुछ नहीं मिला। पंचायत में बने 11 स्कूलों में 8 प्राइमरी व 2 मिडिल और 1 हाई स्कूल हैं। इनमें प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की कमी नहीं है, लेकिन मिडिल व हाई स्कूलों में पिछले काफी समय से शिक्षकों की कमी है। इतना ही नहीं हाई स्कूल में एक शिक्षक ही स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को पढ़ा रहा है। इसके चलते बच्चों का भविष्य अंधकार की ओर जा रहा है। लेकिन विभाग की ओर से इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
पूर्व सरपंच यशपाल ने बताया कि क्षेत्र में स्थित हाई स्कूल में शिक्षकों की बहुत कमी है। उन्होंने बताया कि स्कूल में 225 विद्यार्थी पढ़ते है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि विभाग की ओर से इस स्कूल में 1 मास्टर और 3 आरईटी शिक्षक हैं, जबकि स्कूल में 6 मास्टरों के पद हैं। उन्होंने बताया कि यही हाल क्षेत्र में स्थित दो मिडिल स्कूलों का है। इसमें बच्चे 70 से 80 के बीच हैं।वहां पर भी शिक्षकों की कमी है।
हाई स्कूल में तकरीबन 12 शिक्षकों के पद हैं, जबकि लंबे समय से 4 शिक्षकों से ही काम चलाया जा रहा है। विभाग के अधिकारियों व डीसी उधमपुर से जल्द से जल्द स्कूल में शिक्षकों की कमी को पूरा करने की मांग की है।
स्कूलों में शिक्षकों की कमी को लेकर गांव से शिष्टमंडल आया था। कुछ दिनों में मास्टर की नई सूची निकलने वाली है। उसी में इन हाई स्कूल में मास्टर के खाली पदों को भर दिया जाएगा, ताकि बच्चाें को आ रही समस्या से निजात मिल सके। विभाग की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी को जल्द पूरा किया जाए।
कल्पना जसरोटिया, डिप्टी सीईओ