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नशा केवल शहरों की समस्या नहीं

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भद्रवाह में यूनिवर्सिटी कैंपस के विद्यार्थियों की तरफ से निकाली गई जागरूकता रैली - फोटो : UDHAMPUR
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भद्रवाह। भद्रवाह कैंपस के छात्रों ने मंगलवार को गांवों में रहने वाले लोगों को नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों से शिक्षित करने के लिए जागरूकता रैली निकाली। कैंपस के पीआरओ आरिफ खतीब के नेतृत्व में निकाली गई इस रैली में 150 छात्रों ने भाग लिया।
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रैली के दौरान नशा विरोधी विषयों पर नारे लगाते हुए और हाथों में तख्तियां लेकर विश्वविद्यालय के छात्रों ने सुंगली और सरतिंगल गांवों की गलियों और बाजारों में मार्च निकाला। और, निवासियों को ड्रग्स और शराब से दूर रहने के लिए जागरूक किया। पीआरओ ने कहा कि गांवों में भी नशीली दवाओं के बढ़ते उपयोग को रोकने के लिए उचित कदम उठाए गए हैं, क्योंकि कस्बों और शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में भी ड्रग तस्कर काफी सक्रिय हो गए हैं। इस संकट पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।
रैली में शामिल बीएड की छात्रा निकिता चौधरी ने कहा कि नशे को अक्सर केवल शहरों की समस्या माना जाता है। लेकिन, ग्रामीण क्षेत्रों में मादक द्रव्यों का उपयोग और दुरुपयोग लंबे समय से प्रचलित है। ग्रामीण वयस्कों में तंबाकू के उपयोग की उच्च दर है। जबकि अब दवाओं के दुरुपयोग और हेरोइन का उपयोग गांवों में बढ़ गया है। इसके लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।
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एक अन्य छात्रा रश्मि देवी ने कहा कि ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए यह छोटा सा प्रयास है। अभी इस पर सभी को मिलकर अधिक काम करने की जरूरत है। विशेषज्ञों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में मादक द्रव्यों के उपयोग के परिणामस्वरूप विभिन्न प्रकार के विकार होते हैं। जैसे, अवैध गतिविधियों में वृद्धि के साथ खराब शैक्षणिक प्रदर्शन, खराब स्वास्थ्य स्थिति, मस्तिष्क संरचना में परिवर्तन और ओवरडोज व आत्महत्या के कारण मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है।
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