उधमपुर। मौसम में अचानक बदलाव ने मैदानी इलाकों के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बेमौसम बारिश के कारण कट चुकी गेहूं की फसल भीग गई है जिससे नुकसान का खतरा बढ़ गया है। हालांकि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है।
खेतों में पड़ी फसल भीगने से गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। किसान राम लाल, मोहन लाल व तारा चंद ने बताया कि गेहूं की काफी फसल काट ली थी लेकिन अचानक हुई बारिश ने मेहनत पर पानी फेर दिया। अब फसल सुखाने में मेहनत लगेगी पर गुणवत्ता पहले जैसी नहीं रह पाएगी।
वहीं पहाड़ी क्षेत्रों के किसानों के लिए इस समय बोई जाने वाली फसल के लिए बारिश लाभदायक मानी जा रही है। अप्रैल-मई में मटर, भिंडी, लौकी, करेला, खीरा, टमाटर, हरी मिर्च, पत्तागोभी और फूलगोभी, पालक की सब्जियां उगाई जाती हैं। इसी तरह मक्का, आलू, बीन्स की बुवाई की जाती है। बारिश से जमीन में नमी बनी रहेगी जिससे अच्छी पैदावार होगी।
किसान मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही कटाई करें। यदि बारिश की संभावना हो तो कटी हुई फसल को ढंककर रखें ताकि नुकसान कम हो। पहाड़ी क्षेत्रों में फसल के लिए बारिश फायदेमंद है।
- हरबंस सिंह, सीएओ, कृषि विभाग।