उधमपुर के ट्रांसपोर्टरों द्वारा ट्रांसपोर्ट मंत्री नितिन गडकरी व जेके यूटी गवर्नमेंट के खिलाफ ?
- फोटो : UDHAMPUR
उधमपुर। यात्री वाहनों में जीपीएस लगाने के लिए जारी आदेश के विरोध में सोमवार को जिले के ट्रांसपोर्टरों ने एआरटीओ कार्यालय के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि ट्रांसपोर्टर अपने खर्च पर जीपीएस नहीं लगाएंगे।
सुबह ट्रांसपोर्टरों ने दर्शन सिंह और रछपाल सिंह के नेतृत्व में एआरटीओ कार्यालय के बाहर धरना दिया। रछपाल सिंह ने कहा कि सरकार ने आदेश जारी किया है कि सभी यात्री वाहनों में जीपीएस लगाए जाएंगे। लेकिन, स्थानीय मार्गों पर चलने वाले वाहनों में जीपीएस लगाना पूरी तरह गलत है। अगर जीपीएस लगाना है तो राज्यों में जाने वाले वाहनों में लगाएं। फिर भी अगर सरकार को लगता है कि सभी यात्री वाहनों में जीपीएस लगाना जरूरी है तो सरकार अपनी तरफ से जीपीएस लगा कर दे। इसके लिए ट्रांसपोर्टरों पर बोझ न डाला जाए।
उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टर पहले ही आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। सरकार अब यात्री वाहनों के लिए 40 हजार रुपये यात्री कर भी मांग रही है। कोरोना संकट के कारण दो वर्ष तक वाहन सड़कों पर खड़े रहे थे। इस हिसाब से सरकार को यात्री कर माफ करना चाहिए। लेकिन, अब कर देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। एआरटीओ की तरफ से यात्री वाहनों को दक्षता प्रमाण पत्र (फिटनेस सर्टिफिकेट) जारी करने के लिए सप्ताह में केवल एक दिन निर्धारित किया गया है। यह भी पूरी तरह गलत है। इससे यात्री वाहनों को कई दिनों तक खड़ा रहना पड़ता है।
ट्रांसपोर्टरों की मांग है कि दक्षता प्रमाण पत्र जारी करने के लिए सप्ताह में दो दिन निर्धारित किए जाएं। साथ ही सरकार से मांग है कि सभी यात्री वाहनों में जीपीएस लगाने का आदेश वापस लिया जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो आने वाले दिनों में सड़कों पर उतर कर आंदोलन तेज करने को मजबूर होना पड़ेगा।