फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कतार में लगकर लोग घंटों करते रहे इंतजार, छुट्टी पर था डॉक्टर

विज्ञापन
उधमपुर : जिला अस्पताल की ओपीडी में बच्चों का डाक्टर नहीं मिलने से परेशान अभिभावक रोष जताते - फोटो : UDHAMPUR
विज्ञापन
उधमपुर। जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को बाल रोग विशेषज्ञ उपलब्ध न होने पर बच्चों की जांच कराने आए लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घंटों लाइन में लगने के बाद भी जब डॉक्टर नहीं पहुंचा, तो लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। उन्होंने जिला अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
विज्ञापन

अपने बच्चों की जांच और उपचार के लिए स्थानीय और ग्रामीण इलाके के लोग सुबह ही जिला अस्पताल पहुंच गए थे। नियमों के मुताबिक उन्होंने अपनी पर्ची कटवाई और कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करने लगे। लेकिन, घंटों बीत जाने के बाद जब जांच के लिए डॉक्टर नहीं पहुंचे तो लोगों के सब्र का बांध टूट गया। उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया और अस्पताल प्रशासन पर मनमानी व लापरवाही का आरोप लगाया।
बच्ची की जांच करवाने आए अमन शर्मा ने कहा कि वह सुबह नौ बजे से अस्पताल आए। पर्ची कटवाने के बाद लंबी कतार में लगे रहना पड़ा। लेकिन, दोपहर होने तक भी बाल रोग विशेषज्ञ का कोई अता पता नहीं। घंटों बाद उन्हें बताया गया कि पर्ची पर जिस डॉक्टर का नाम है, वह छुट्टी पर है। उसके स्थान पर मेडिकल ऑफिसर को बच्चों की जांच करने के लिए भेजा गया है। जबकि, उन्होंने रात को भी इमरजेंसी कक्ष में बच्ची की जांच करवाई थी और उन्होंने ही सुबह ओपीडी में बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाने को कहा था।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक दिन की बात नहीं हैं। यहां प्रतिदिन ओपीडी में डॉक्टर नहीं होते हैं, और लोग उनकी राह देख-देखकर अंत में हार कर बिना जांच करवाए घर लौट जाते हैं। आज भी तीन घंटे तक इंतजार करने के बाद अब मेडिकल ऑफिसर को बच्चों की जांच करने भेज दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मेडिकल आफिसर ही बच्चों की जांच करेंगे तो ओपीडी की क्या जरूरत है? वैसे भी जो लोग बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाने आए हैं तो वे मेडिकल ऑफिसर को क्यों दिखाएंगे?
सोनू शर्मा ने कहा कि ओपीडी में डॉक्टरों की कमी और मनमानी के कारण प्रतिदिन लोग परेशान होते हैं। इसी के चलते उन्हें कल भी बिना जांच कराए लौटना पड़ा था।
------
जिला अस्पताल में केवल दो ही बाल रोग विशेषज्ञ हैं। इनमें से एक कुछ दिनों से छुट्टी पर है, जबकि दूसरा वार्ड राउंड पर है। वार्ड में जांच के बाद वह ओपीडी में भी बच्चों की जांच करते हैं। कुछ समय के लिए मेडिकल ऑफिसर को जांच करने का कार्यभार सौंपा गया था जो एक काबिल डॉक्टर हैं।
विज्ञापन

- डॉ. विजय रैना, चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल उधमपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें