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डंपिंग स्टेशन बनाने का लोगों ने किया विरोध

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उधमपुर। शहर के मियां बाग इलाके में यूईईडी की तरफ से आर्य समाज संस्था की जमीन पर बिना इजाजत लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का डंपिंग स्टेशन बनाने का आर्य समाज संस्था के सदस्यों ने विरोध किया। संस्था के सदस्यों ने यूईईडी की तरफ से लगाए गए छोटे पोल भी उखाड़ फेंके। संस्था के सदस्यों का कहना था कि उनके पास इस जमीन का मालिकाना हक है और कोई भी उनकी जमीन पर उनकाी इजाजत लिए बिना किसी तरह का निर्माण नहीं कर सकता है।
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देविका परियोजना के तहत मियां बाग इलाके में यूईईडी की तरफ से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है और इसी के तहत ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण स्थल से कुछ दूरी पर डंपिंग स्टेशन बनाया जा रहा है। कुछ दिन पहले ही यूईईडी ने मंदिर के पास खाली पड़ी जमीन पर डंपिंग स्टेशन का काम शुरू किया था। लेकिन जब इसकी जानकारी आर्य समाज संस्था को मिली तो शुक्रवार को संस्था के सदस्य मौके पर पहुंच गए और इस काम का विरोध करने लगे। उन्होंने देखा कि यूईईडी की तरफ से उनकी जमीन पर खुदाई कर दी गई और डंपिंग स्टेशन की निशानदेही के लिए पोल भी लगा दिए गए हैं। संस्था के सदस्यों ने आसपास रहने लोगों की मदद से सभी पोल उखाड़ फेंके और यूईईडी के कार्य का कड़ा विरोध किया। आचार्य यादवेंद्र स्वामी व अन्य सदस्यों का कहना था कि इस जमीन का संस्था के पास मालिकाना है। उनके पास इसका पूरा रिकार्ड मौजूद है। इसके बावजूद उनको सूचित किए बिना इस स्थान पर डंपिंग स्टेशन बनाने का काम शुरू कर दिया गया और इसके बारे में संस्था को सूचित तक नहीं किया गया। इसमें कोई शक नहीं है कि यह जमीन प्रशासन के किसी अधिकारी ने ही यूईईडी को उपलब्ध करवाई होगी। इसकी सभी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं और इस काम का विरोध करते हैं। जल्द ही वह इस जमीन के रिकार्ड के साथ डीसी के साथ मुलाकात कर शिकायत करेंगे।
उन्होंने बताया कि इस स्थान पर करीब चार प्राकृतिक जलस्रोत हैं। सैकड़ों लोग इसी स्थान से पानी भर कर गुजारा करते हैं। अगर इस स्थान पर डंपिंग स्टेशन बना दिया जाता है तो प्राकृतिक जलस्रोतों का पानी दूषित हो जाएगा और लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ेगा। मौके पर मौजूद शाम लाल, विजय कुमार व अन्य कई स्थानीय निवासियों ने भी इस स्थान पर डंपिंग स्टेशन बनाने का विरोध किया। लोगों का कहना था कि मंदिर के नजदीक किसी कीमत पर भी डंपिंग स्टेशन नहीं बनने दिया जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो सड़कों पर उतर कर इसका विरोध भी करेंगे।
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