पांचवीं कक्षा की हिंदी में करीब 45 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दाम 37 रुपये से बढ़ाकर 54 रुपये दाम किया गया।
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शिक्षा विभाग की लापरवाही ने कुछ छात्रों के पैर तले जमीन खिसका दी है। नए सत्र में तीन महीनों से 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे उन छात्रों को तब जोरदार झटका लगा, जब नोटिस बोर्ड पर यह सूचना चस्पा हुआ कि 11वीं में इकोनोमिक्स विषय रखने वाले विद्यार्थियों को 12वीं की कक्षा करने के लिए इस विषय में पास करना अनिवार्य है।
अचरज की बात यह है कि नोटिस के मुताबिक 12वीं में पढ़ रहे उन सभी विद्यार्थियों को फेल कर दिया गया है, जिन्होंने 11वीं में इकोनोमिक्स रखा था। तीन महीने के बाद यह सूचना मिलने पर विद्यार्थियों और अभिभावकों का गुस्सा शिक्षा विभाग के प्रति बढ़ रहा है।
नोटिस में स्पष्ट लिखा गया है कि पिछले सत्र में 11वीं के उन सभी छात्रों को इकोनोमिक्स विषय में पास करना होगा, जो मौजूदा समय में 12वीं की कक्षा कर रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि यह परिस्थिति केवल पंचैरी के छात्रों के साथ ही नहीं बनी है, बल्कि विंटर जोन के सभी छात्रों के सामने बड़ी दुविधा खड़ी हो गई है।
बोर्ड द्वारा एक नोटिफिकेशन जारी कर बताया गया है कि 11वीं के छात्रों के प्रैक्टिकल नहीं लिए गए हैं। छात्रों के प्रैक्टिकल होने के बाद ही अंक जोड़े जाएंगे। उसके बाद पता चलेगा कि कौन बच्चे फेल हुए और कौन पास।
-बलजीत सिंह, प्रिंसिपल, हायर सेकेंडरी स्कूल पंचैरी