उधमपुर में सरकारी मिडिल स्कूल नगरोटा का दृश्य।
- 72 साल बाद भी सरकारी मिडिल स्कूल नगरोटा के कमरों की मरम्मत नहीं करवाई गई
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शिक्षा विभाग की ओर से शहर के साथ लगते नगरोटा क्षेत्र में 1953 में बनाए गए स्कूल के दो कमरों की हालत आज दयनीय है। जब स्कूल खुला था तो यह प्राइमरी था। मौजूदा समय में इसे मिडिल का दर्जा मिल चुका है।
स्कूल में बने चार कमरों में से दो की हालत जर्जर है। बारिश के दिनों में सारा पानी कमरों के अंदर आने से स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा समय में स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या 150 के करीब है। वहीं कमरों के खस्ताहाल होने के चलते छात्र काफी परेशान है। हालांकि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों द्वारा पिछले काफी लंबे समय से विभाग से स्कूल के खस्ताहाल कमरों की मरम्मत करवाने के साथ ही दो अतिरिक्त कमरे बनाने की मांग कर रहे है लेकिन अभी तक विभाग की ओर से खस्ताहाल कमरों की मरम्मत व नए दो अतिरिक्त क्लासरूम बनाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।
कोट..
विभाग की ओर से इस वित्त वर्ष के प्लान में स्कूलों की मरम्मत व नए क्लासरूम बनाने को लेकर प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। जैसे ही प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो स्कूल की इमारत का मरम्मत का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा ताकि बच्चों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
-कमल किशोर बड़याल, जिला मुख्य शिक्षा अधिकारी।