कटड़ा। शारदीय नवरात्र में धर्मनगरी से लेकर भवन तक मां वैष्णो देवी के जयकारे गूंज रहे हैं। रविवार अलसुबह की अटका आरती में प्रसिद्ध गायक विपिन सचदेवा ने मां की महिमा का बखान कर श्रद्धालुओं को थिरकने को मजबूर कर दिया। उन्होंने हर सांस में मेरी मां, तेरा शुक्र करां... भेंट से हाजिरी लगाई। इसके बाद शेरांवाली मैया आज सोनियां कड़ियां आइयां..., ढोल बजा ढोली, मैया भर देगी झोली..., की कहना तेरे द्वार दा मैया... की प्रस्तुति देकर सभी को भक्तिरस में डुबो दिया।
उधर, नवरात्र पर पहले चार दिन में भक्तों का आंकड़ा एक लाख के करीब पहुंच गया है। रविवार को पंजीकरण कक्ष बंद होने तक 24960 भक्त भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे। दोपहर दो बजे तक 13 हजार, शाम सात बजे तक 21 और बंद होने तक 25 हजार के करीब थी। कक्ष बंद होने के बाद भी कई यात्री कक्ष के बाहर इंतजार करते देखे गए।
गायक विपिन सचदेवा ने बताया कि यह मां का आशीर्वाद है कि उन्हें दरबार में मां की महिमा का गुणगान करने का मौका मिला है। जब-जब मां बुलाएगी हाजिरी लगाने आते रहेंगे। खुशनसीब होते हैं कि वह लोग जिन्हें नवरात्र में प्राकृतिक पिंडियों के समक्ष नमन करने का मौका मिलता है।
सुबह निकाली गई प्रभात फेरी
नवरात्र महोत्सव के उपलक्ष्य में धर्मनगरी में रोजाना प्रभात फेरी का आयोजन हो रहा है। रविवार को महाराष्ट्र के भक्तों ने इसका नेतृत्व किया। इस दौरान ढोल नगाड़ों के साथ भक्त विभिन्न मार्गों से होते हुए मां भगवती का गुणगान करते नजर आए। सीईओ म्यूनिसिपल कमेटी प्रीति खजूरिया ने प्रभात फेरी को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। इस दौरान औरंगाबाद, अहमदाबाद व गोरखपुर के भक्त शामिल रहे। प्रभात फेरी बाण गंगा मार्ग, दर्शनी ड्योढ़ी और मुख्य बाजार से होते हुए बस अड्डे पर संपन्न हुई। प्रभात फेरी एसोसिएशन के प्रधान राज कुमार पाधा ने बताया कि आने वाले दिनों में कई अन्य कलाकार भी शामिल होंगे। इस माके पर बीएमओ गोपाल दत्त, अजय शर्मा, राज कुमार दूबे, रमणीक नवादा आदि मौजूद रहे।
जगत पालन के लिए मां भगवती ने लिया अवतार
नवरात्र महोत्सव पर दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से रघुनाथ मंदिर में श्रीमद्देवी भागवती कथा जारी है। रविवार को साध्वी भ्रदा भारती ने बताया कि मां भगवती का अवतार जगत के पालन के लिए हुआ है। शांति के लिए असुरों का नाश आवश्यक है और मां भगवती भक्तों का कल्याण करती है। ऐसे में मानव जीवन प्राप्त करके भी भक्ति नहीं करना जीवन की सबसे बड़ी हानि है। लाभ प्राप्त करने के लिए कथा का श्रवण जरूरी है। कथा में भजन-कीर्तन भी किया गया।
कुड नृत्य रहा आकर्षण का केंद्र
हायर सेकेंडरी स्कूल कटड़ा के परिसर में रिजनल आउटरीज के तहत रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसमें कलाकार नृत्य कर देशभर की संस्कृतियों से रूबरू करवा रहे हैं। रविवार को डोगरी कुड नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। यह नृत्य जम्मू संभाग में फसल कटाई व अन्य खुशी के मौकों पर किया जाता है। इन रंगारंग कार्यक्रमों की शुरूआत माता की भेंट व दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ। इसके अलावा महाराष्ट्री, राजस्थानी, कश्मीरी व हिमाचली कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं।
मां वैष्णो का राम से हुआ मिलाप
अध्यात्मिक केंद्र में नटरंग की ओर से माता की कहानी का मंचन जारी है। रविवार को मां वैष्णो देवी का भगवान राम से मिलाप के दृश्य का मंचन किया गया। इसमें दर्शाया गया कि भगवान राम ने कलयुग में फिर से मां वैष्णो देवी से मिलने की बात कही थी और उसके बाद ही मां भवन में पिंडी स्वरूप में विराजमान हुईं। इसके उपरांत बाण गंगा में तीर चला कर गंगा निकालना, चरण पादुका में पीछे मुड़ कर देखना, गर्भजून में रहना व आखिर में भैरों का वद करना दृश्य का मंचन किया गया।