किश्तवाड़। मचैल तहसील के कई गांवों में तीन माह से बिजली नहीं हैं। और वहां के लोगों को यह साल अंधेरे में ही गुजारना होगा। क्योंकि विभाग के पास इलाके को बिजली सुविधा देने के लिए पैसा ही नहीं है।
कुंडेल से लेकर मचैल तक लगभग चार बड़े गांव कुंडेल, चिसोती, हमूरी और मचैल हैं, जिन्हें इस वर्ष बिजली नहीं मिलेगी। पीडीडी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जब तक योजना के लिए फंड जारी नहीं किया जाता, तब तक कुछ भी काम शुरू करना कठिन है। इस वर्ष 27 जुलाई को पाडर के कुंडेल इलाके में बादल फटने से लगभग तीन से चार किलोमीटर की बिजली लाइन टूट गई थीं।
कुंडेल के अलावा भी कई स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई थी। इसमें बिजली के खंभों और तारों को नुकसान हुआ था। इसे दोबारा बहाल करने के लिए लाखों की लागत लग सकती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिजली जाने के बाद अब फिर से वही पुराने तौर तरीके से जीवन बिताना पड़ेगा। स्थानीय निवासियों ने उपराज्यपाल से गुहार लगाई है कि जितनी जल्दी हो सके, बिजली बहाल की जाए।
मचैल निवासी रंगेल सिंह सहित संजीव शर्मा, श्री कृष्ण और संसार चंद, आदि का कहना है कि इस संबंध में कई बार उपायुक्त से गुहार लगाई है। एक तो मचैल सड़क का काम फिर से शुरू किया जाए, और बिजली भी बहाल करवाई जाए। लेकिन, कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोग जल्द ही धरना प्रदर्शन करेंगे।
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जब तक हमें फंड नहीं मिलेगा, तब तक काम शुरू नहीं किया जा सकता। हालांकि, कुछ सामान हमने विभाग से लोन के तौर पर ले लिया है। काम शुरू करने के लिए हमने सरकार को लिखा है, और जिला प्रशासन को भी लिखा है। इसमें हमने 82 लाख रुपये की मांग कर रखी है। कुंडेल तक हमने लाइन बहाल कर दी है, लेकिन वहां से आगे लगभग चार किलोमीटर तक लाइन नए सिरे से लगानी है। जिसमें बहुत खर्चा आएगा। फंड आएगा तो बिजली बहाल होगी। नहीं तो बहुत मुश्किल है।
- सुधीर शर्मा, एईई, पीडीडी अधिकारी
फोटो...कुंडेल से मचैल तक की बिजली लाईन की हालत चाटू नामक स्थान के पास।- फोटो : UDHAMPUR
फोटो...कुंडेल से मचैल तक की बिजली लाईन की हालत चाटू नामक स्थान के पास।- फोटो : UDHAMPUR
फोटो...कुंडेल से मचैल तक की बिजली लाईन की हालत चाटू नामक स्थान के पास।- फोटो : UDHAMPUR