किश्तवाड़। इकजुट जम्मू के प्रमुख एडवोकेट अंकुर शर्मा को शुक्रवार को पुलिस ने किश्तवाड़ में नहीं आने दिया। डोडा जिले की सीमा पर ठाठरी नाके पर उन्हें रोक लिया गया और वापस भेज दिया।
अंकुर शर्मा ने पुलिस के इस रवैये पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले जिला प्रशासन से किश्तवाड़ की यात्रा के लिए कहा था। हालांकि उन्हें किसी कार्यक्रम या बाइक रैली की अनुमति नहीं दी गई थी। शुक्रवार को जब वह ठाठरी पहुंचे तो वहां पहले से ही बड़ी संख्या में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया। उन्होंने कहा कि जिला विकास आयुक्त और एसएसपी को सूचित किया गया था कि वे व्यक्तिगत उद्देश्यों के लिए दौरा कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें रोका गया।
अंकुर शर्मा ने कहा कि जब उन्होंने खुद जिला विकास आयुक्त से रोकने का कारण पूछा तो कहा कि उनके आने में कोई बाधा नहीं है, परंतु इस बारे में एसएसपी किश्तवाड़ ने कहा कि जिला विकास आयुक्त ने उनको यहां आने की अनुमति नहीं दी है। अंकुर ने कहा कि ऐसा करके उनके मौलिक अधिकारों पर अंकुश लगाया जा रहा है जो कानून के खिलाफ है और इसके पीछे एक बड़ी साजिश है।
उन्होंने कहा कि डीडीसी चुनाव के दौरान भी उन्हें किश्तवाड़ आने से रोका गया था। यदि कोई कारण है, तो उन्हें सूचित किया जाना चाहिए। उन्होंने उपराज्यपाल से अपील की कि वह जिला विकास आयुक्त और एसएसपी किश्तवाड़ से जवाब मांगे कि उनकी निजी यात्रा पर कोई प्रतिबंध नहीं था तो फिर उन्हें ठाठरी में क्यों रोका गया। उन्होंने कहा कि आरएसएस नेता चंद्रकांत शर्मा की बरसी पर इकजुट नेता किश्तवाड़ जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें नहीं जाने दिया गया।