संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शिक्षा विभाग की ओर से 2010 में पंचायत बारटा में बने सरकारी हाई स्कूल को अपग्रेड कर हायर सेकेंडरी स्कूल का दर्जा दिया गया था। लेकिन 15 साल बीत जाने के बाद भी स्कूल सिर्फ कागजों ही हायर सेकेंडरी बन पाया है। अभी तक स्कूल में सिवाय आर्ट्स के कोई और विषय नहीं है।
काॅमर्स व नॉन मेडिकल विषय स्कूल में नहीं हैं। इतना ही नहीं, स्कूल में मौजूदा समय में जहां लेक्चररों को बच्चों को पढ़ाना चाहिए वहां पर मास्टर ग्रेड व अध्यापक 11वीं व 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं। काॅमर्स व नॉन मेडिकल विषय पढ़ने वाले बच्चों को करीब 10 किलाेमीटर दूर जगानू या फिर उधमपुर हायर सेकेंडरी में आकर दाखिला लेना पड़ रहा है। स्कूल में एक भी लेक्चरर न होने के कारण ही शायद काॅमर्स व नॉन मेडिकल का विषय रखा ही नहीं गया। मौजूदा समय में स्कूल में लगभग 250 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।
पूर्व सरपंच लीला देवी ने बताया कि बेशक विभाग की ओर से स्कूल को अपग्रेड कर हायर सेकेंडरी बना दिया गया है। लेकिन सुविधाएं आज भी हाई स्कूल की तरह ही हैं। क्योंकि जब बच्चों के पढ़ाने के लिए स्कूल में लेक्चरर ही नहीं हैं तो बच्चे कैसे पढ़ाई करेंगे। क्षेत्र में होने वाली हर बैक टू विलेज, ब्लॉक दिवस व अन्य प्रशासनिक बैठकों में इस मुद्दे को उठाया जा चुका है। लेकिन समाधान नहीं हो सका। इसका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने एक बार फिर से विभाग व प्रशासन से जल्द से जल्द स्कूल में लेक्चरर लगाने व स्कूल में अन्य विषयों को भी जल्द शुरू करने की मांग की है।
कोट..
2010 में जिले मेें दो हाई स्कूलों को अपग्रेड कर हायर सेकेंडरी बनाया गया था। इसके बाद से आज तक अपग्रेड हुए स्कूलों में नए पद नहीं दिए गए हैं। इन स्कूलों के बारे में विभाग के उच्च अधिकारियों से लेकर सरकार तक को जानकारी है। जैसे ही सरकार की ओर से अपग्रेड हुए स्कूलों में नए पद दिए जाते हैं, वहां लेक्चररों को लगा दिया जाएगा।
- कमल किशोर बड़याल, जिला मुख्य शिक्षा अधिकारी।