संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। आतंकवाद के खिलाफ देश की जीरो टॉलरेंस नीति है और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद फैलाने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा। यह बात रविवार को उधमपुर पूर्वी हलके के विधायक एवं भाजपा प्रवक्ता रणबीर सिंह पठानिया ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर उन्होंने ब्लाॅक जगानू में खुब्बानी से तलमाड़ा सड़क परियोजना का भी उद्घाटन किया। खुब्बन से नगैन 7.81 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली यह एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना है, जिससे लगभग 1,000 स्थानीय निवासियों को लाभ होगा। पठानिया ने कहा कि आतंकवाद न केवल सुरक्षा के लिए बल्कि भारत की मूल अवधारणा के लिए भी खतरा है। इसलिए हमें इसके खिलाफ एकजुट होकर मजबूती से खड़ा होना चाहिए। हमारी प्रतिक्रिया त्वरित और बिना किसी समझौते के होनी चाहिए। चाहे वह जमीन पर हो, नीति में हो या कानून के शासन की प्रक्रिया के जरिए हो। उन्होंने कहा कि भारत के लोग अपने सामूहिक संकल्प में आतंकवाद या उसके समर्थकों की छाया तक को बर्दाश्त करने को तैयार नहीं हैं।
जम्मू और कश्मीर के सामने मौजूद अनूठी संवेदनशीलताओं और चुनौतियों पर विचार करते हुए पठानिया ने कहा कि हाल के वर्षों में इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण विकास और सामान्यीकरण हुआ है, लेकिन सीमा पार से और कट्टरपंथी नेटवर्क के जरिए शांति को अस्थिर करने की कोशिशें अभी भी जारी हैं। जम्मू और कश्मीर शांति और प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। इस क्षेत्र के लोगों ने लंबे समय तक कष्ट झेले हैं। इसलिए यह सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है कि कोई भी राष्ट्र-विरोधी तत्व स्थिरता के कठिन-से-अर्जित लाभों को पटरी से न उतार सके। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा हमेशा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
इसके उपरांत कृषक समुदाय तक अपनी पहुंच बनाने के लिए, कृषि विभाग द्वारा गांव थनोआ में एक जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान, स्थानीय कृषकों को सब्जी के बीजों की किस्मों में नवीनतम प्रगति के बारे में बताया गया, जिसमें किसानों की आय को दोगुना करने के उद्देश्य से गैर-पारंपरिक फसलों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
पठानिया ने नवाचार और समय पर समर्थन के माध्यम से कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। बैठकों में गोपाल सिंह मनकोटिया, आशीष शर्मा, मोहनलाल शर्मा, मोहिंदर शर्मा, कुलदीप सिंह, रमन खजूरिया, मनोज वर्मा, सुरिंदर सिंह और सुनीता देवी (सभी पूर्व सरपंच) ने भी भाग लिया।