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सब्जी उत्पादकों ने सरकार से सब्जी की फसल को हुए नुकसान के लिए मुआवजे की घोषणा करने की उठाई मांग

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उधमपुर/जिब। सब्जियों की खेती के लिए विख्यात उधमपुर के जिब क्षेत्र के अधिकतर किसान मौजूदा समय में आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। उनका कहना है कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से धान की फसल और सब्जियों का काफी नुकसान हुआ है।
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हालांकि, धान के नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने मुआवजे की घोषणा तो की है, लेकिन सब्जियों के नुकसान के लिए कुछ नहीं है। और, न ही किसी ने किसानों की परेशानियों की सुधि ली है। जिसके कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धान की फसल को हुए नुकसान के आकलन के लिए भी अब तक कोई टीम नहीं पहुंची है। अगर सरकार ने कोई राहत नहीं दी तो रोजी रोटी के भी लाले पड़ जाएंगे।
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सरकार ने धान की फसल को हुए नुकसान के मुआवजे की घोषणा की है, लेकिन सब्जियों की खेती के नुकसान की अनदेखी की है। इससे इलाके के लिए सभी सब्जी उत्पादक निराश हैं। बारिश और ओलावृष्टि से सब्जियों को हुए नुकसान के कारण अगले सीजन तक भी धन नहीं जुटा पाएंगे।
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- राजिंद्र कुमार (जिब)
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करीब दो महीने से उम्मीद थी कि सरकार धान के साथ सब्जियों को हुए नुकसान के मुआवजे की भी घोषणा करेगी। लेकिन, सरकार ने सब्जी उत्पादकों को निराश कर दिया है। गोभी, मूली, शलजम, पालक, आदि की सब्जी इस समय तैयार हो चुकी होती है। लेकिन, इस बार तैयार होने से पहले ही वह बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई।
- राकेश कुमार (जिब)
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पंचायत कैंबल डंगा, थाती, धनू, टिकरी, मांड, सीन ब्राह्मणा, सीन ठकरां, जिब ए, जिब बी, के अलावा लगभग पूरे जिब क्षेत्र के अधिकतर किसानों की आजीविका सब्जी उत्पादन पर निर्भर है। लेकिन, बेमौसम बारिश ने सभी तैयार फसलों को बर्बाद कर दिया है। इससे सब्जी उत्पादक आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। स्थानीय मंडी में स्थानीय सब्जियों की आवक न होने से उधमपुर में सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। सरकार को जल्द राहत प्रदान करनी चाहिए।
- किरण कुमार (जिब)
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सब्जी उत्पादकों के लिए भी सरकार को जल्द राहत देनी चाहिए। नुकसान के आकलन के लिए भी कोई नहीं आया है। इससे किसानों में निराशा बढ़ती जा रही है। किसान करीब दो महीने से मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं। ताकि, वे अगली फसल की तैयारी कर सकें। मुआवजा मिलने में हो रही देरी उनकी अगली फसल की पैदावार को भी प्रभावित कर सकती है। इसलिए, सरकार जल्द कार्य पूरा करे।
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- सुभाष कुमार (जिब)
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