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सरकारी स्कूलों का निरीक्षण कर रहे शिक्षा विभाग के अधिकारी

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उधमपुर पंचैरी शिक्षा जोनन में बदहाल पड़ा मिडिल स्कूल सैंगा का शौचालय - फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या और सुविधाएं बढ़ाने को लेकर शिक्षा विभाग ने खुद निरीक्षण करना शुरू कर दिया है। अधिकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या की जानकारी हासिल कर रहे हैं। साथ ही छात्रवृत्ति योजनाओं पर अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है।
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कोरोना की दूसरी लहर आने के बाद से ही सरकारी स्कूलों में छोटी कक्षाएं ऑनलाइन चलाई जा रही हैं। अब तक विद्यार्थियों को स्कूल आने की अनुमति नहीं मिली है। वहीं, सरकार ने जल्द स्कूलों को ऑफलाइन खोलने के संकेत दिए गए हैं। इसी को लेकर शिक्षा विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
उधमपुर में शिक्षा विभाग ने कई अधिकारियों को स्कूलों के निरीक्षण का काम सौंपा है। इसके तहत जोनल एजूकेशन प्लानिंग ऑफिसर स्कूलों में पहुंच कर सबसे पहले विद्यार्थियों की हाजिरी की जानकारी हासिल कर रहे हैं। देखा जा रहा है कि स्कूल में कितने विद्यार्थी हैं, और पिछले कुछ वर्षों में इनकी संख्या में कमी आई है, या बढ़ोतरी हुई है। अगर स्कूल में विद्यार्थी कम हैं तो शिक्षकों और प्रधानाचार्य को इनकी संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
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साथ ही अभिभावकों को स्कूल बुला कर सुविधाओं की जानकारी दी जा रही है। स्कूलों में शिक्षा अधिकारियों से मिलने के लिए सरपंच व पंच भी पहुंच रहे हैं। जेडईपीओ राजेश शर्मा ने जब प्राइमरी स्कूल पकवाल का दौरा किया तो ग्रामीणों ने स्कूल में रसोई शेड तैयार करने और पीने के पानी का टैंक तैयार करने की मांग रखी।
इसके बाद उन्होंने मिडिल स्कूल सैगा का दौरा किया और देखा कि स्कूल में शौचालय पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। उसकी छत और दरवाजे टूट चुके हैं। स्कूल में कंप्यूटर तो हैं, लेकिन पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं हैं। मिड डे मील बनाने के लिए गैस सिलिंडर की सुविधा नहीं है। इसी तरह ग्रामीण व स्कूल के स्टाफ शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सामने अपनी मांगों और परेशानियों को रख रहे हैं। विभाग की तरफ से इसकी रिपोर्ट तैयार कर परेशानियों को दूर करने के लिए काम किया जा रहा है।
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