उधमपुर। नगर परिषद की जनरल हाउस की बैठक का आयोजन नप कार्यालय में हुआ। इसमें पार्षदों ने अध्यक्ष व उपाध्यक्ष से मिल कर शहर के विकास कार्यों पर चर्चा की।
बैठक में शहर में पानी की किल्लत को लेकर विशेष तौर पर चर्चा की गई। इस दौरान जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ मिल कर निर्णय लिया गया कि पानी की किल्लत को दूर करने के लिए पानी की सप्लाई पाइप पर सीधे मोटर लगाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ कोरोना वायरस से मारे गए लोगों के परिजनों को सरकार की तरफ से मुआवजा प्रदान करने पर भी चर्चा की गई।
बैठक का आयोजन नप अध्यक्ष डॉ. जोगेश्वर गुप्ता की अध्यक्षता में हुआ। इसमें हिस्सा लेने के लिए तहसीलदार और जल शक्ति विभाग के मैकेनिकल व सिविल विंग के एक्सईएन भी पहुंचे थे। पार्षदों ने बताया कि पूरे शहर में सर्दियों के मौसम में भी पानी की किल्लत बनी हुई है। लोगों को जरूरत अनुसार पानी नहीं मिल रही है। कई इलाकों में केवल चंद मिनट ही पानी मिल रहा है।
वहीं, जल शक्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इसका बड़ा कारण शहरवासियों की तरफ से मोटर को सीधे सप्लाई पाइप से जोड़ना है। ज्यादा पानी के लालच में मोटरों को पाइप से जोड़ा गया है। इससे दूसरे लोगों को पानी नहीं मिल पाता है। कई बार समझाने के बाद भी लोगों ने मोटरों को नहीं हटाया है। इसको लेकर पार्षदों ने अध्यक्ष के साथ मिल कर निर्णय लिया कि चेतावनी देने के बाद भी अगर कोई मोटर न हटाए तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अगर फिर भी न मानें तो बिजली विभाग से कहकर उस इलाके की बिजली उतने समय के लिए बंद की जाए, जब पानी खोला जाता है।
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कोरोना वायरस से मरे लोगों के परिवारीजन नहीं लेने आ रहे मुआवजा
बैठक में तहसीलदार ने बताया कि जिन लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हुई है, उनके परिवार के लिए सरकार ने 50 हजार रुपये मंजूर किए हैं। यह राशि प्रशासन के पास पहुंच चुकी है। लेकिन, बहुत कम लोग यह मुआवजा लेने आ रहे हैं। उधमपुर शहर में कुल 48 लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हुई है। इस राशि के लिए पटवारी व नायब तहसीलदार परिवार के सदस्य को मंजूरी देंगे, और तहसीलदार की तरफ से लीगल हायर सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। लेकिन, यह प्रमाण पत्र केवल कोविड की राशि लेने के लिए होगा। पार्षदों ने सप्ताहांत पाबंदियों के आदेश बार बार बदलने पर भी चर्चा की।
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नगर परिषद की तरफ से शहर में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए विशेष तौर पर प्रयास किया जा रहा है। इसको लेकर ही जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ रणनीति तैयार की गई है। साथ ही शहरवासियों को यह भी बताया जा रहा है कि 31 मार्च तक आयुष्मान भारत के कार्ड भी बनवा लें। क्योंकि, इसके बाद यह कार्ड बनना बंद हो जाएंगे।
- डॉ. जोगेश्वर गुप्ता, नगर परिषद अध्यक्ष, उधमपुर