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पुलवामा के शहीदों की याद में देविकानगरीवासियों की आंखें हुईं नम

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उधमपुर। पुलवामा के शहीदों की याद में रविवार को शहर के विभिन्न हिस्सों में विभिन्न संगठनों की तरफ से श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शहीदों की याद में देविकानगरी की आंखे नम नजर आई। शहरवासियों का कहना था कि 14 फरवरी 2019 को कभी भुलाया नहीं जा सकता है।
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आतंकियों ने हमारे में सीआरपीएफ के जवानों पर हमला किया था। केंद्र सरकार को आतंकवाद को पूरी तरह से खत्म करने के लिए सख्त उठाने चाहिए। जियो और जीने दो की तरफ से कार्यालय में कार्यक्रम का आयोजन कर पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। दो मिनट का मौन रखा और फिर शहीदों की तस्वीर पर फूल चढ़ाए। प्रधान तारिक शाह ने कहा कि उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद एक बदनुमा धब्बा है। इसका असर पूरे जम्मू-कश्मीर के विकास पर पड़ा है। सरकार को आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए कदम उठाने चाहिए। इसी से शहीदों की आत्मा को शांति मिलेगी। इस मौके पर मोहिनी, एजाज, नीना कौल, विनोद खजूरिया, अली, पवन कुमार व अन्य मौजूद थे।
शिवसेना की तरफ से शिवाजी चौक पर कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धांजलि अर्पित की। जितेंद्र अरोड़ा ने कहा कि 14 फरवरी को पुलवामा में एक ऐसा आतंकी हमला हुआ था, जिससे पूरा देश दहल गया था। इस दिन को युवाओं को भी जोश के साथ मनाना चाहिए। युवाओं को बैलेंटाइड के बजाए इस दिन को महत्व देने की जरूरत है। इसी से जवानों को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की जा सकती है। इस मौके पर विनोद कुमार, रविंद्र खजूरिया, सूरज, सोनू व अन्य मौजूद थे।
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एनएसयूआई की तरफ से पुलिस स्टेशन के नजदीक श्रद्धांजलि स्थल पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि देने के बाद स्नेहा ने कहा कि उनको युवाओं को संदेश है कि वह ज्यादा से ज्यादा संख्या में सेना व अर्ध सैनिक बल में जाकर देश की रक्षा में अहम भूमिका निभाए। देश केे युवाओं की सख्त जरूरत है। युवा सेना में भर्ती होकर शहीदों की कमी को पूरा कर सकते हैं। युवाओं के हाथ में ही देश का भविष्य है।
सीनियर सिटीजन क्लब ने कार्यालय में कार्यक्रम का आयोजन कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सबसे शहीदों की तस्वीर पर फूल चढ़ा कर नमन किया। क्लब के सदस्यों ने कहा कि यह वो दिन है, जिसको कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है। इस हमले में एक साथ 40 जवान एक साथ शहीद हो गए थे। उन शहीदों ने हमारी रक्षा के लिए अपनी जान की कुर्बानी दी थी। सीमाओं को देश के जवानों ने ही सुरक्षित रखा है और जवानों के बदौलत ही आज तक आजादी की जिंदगी जी रहे हैं।
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