उधमपुर। जिले में डेंगू के लगातार सामने आ रहे मामलों में अचानक से ब्रेक लग गया है। इसका कारण डेंगू के एलिसा टेस्ट न होना है। स्वास्थ्य विभाग को एलिसा टेस्ट के लिए किट नहीं मिल पा रही है। इसी कारण टेस्ट नहीं किए जा रहे हैं।
कुछ लोगों के रैपिड टेस्ट किए जा रहे हैं, लेकिन इसकी रिपोर्ट को सही नहीं माना जा सकता है। प्रदेश में डेंगू के मामले एक हजार को भी पार कर गए हैं। इनमें 80 से अधिक मामले उधमपुर में भी आ चुके हैं। अक्तूबर में उधमपुर के जिला अस्पताल में लैब स्थापित कर एलिसा टेस्ट की सुविधा शुरू की गई थी। इनमें हर दिन कुछ मामले सामने आ रहे थे। पांच दिन पहले तो एक दिन के अंदर 15 मामले सामने आ गए थे।
लेकिन, बुधवार से अचानक डेंगू के मामले आना बंद हो गए। शुक्रवार को तीसरे दिन भी कोई मामला नहीं आया। इसका कारण स्वास्थ्य विभाग का तीन दिन से टेस्टिंग न कर पाना है। जिला अस्पताल में डेंगू का पता लगाने के लिए एलिसा टेस्ट किए जा रहे थे। इसकी किट नियमित तरीके से जिला अस्पताल पहुंच रही थी। लेकिन, तीन दिन से विभाग को किट मिलना बंद हो गई है, तो टेस्टिंग प्रभावित हो गई है। आपात स्थिति में कुछ लोगों के सैंपल टेस्ट के लिए जम्मू भेजे जा रहे हैं। लेकिन, इनकी रिपोर्ट तीन दिन बाद मिलेगी।
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जिला अस्पताल में डेंगू के रैपिट टेस्ट किए जा रहे हैं, लेकिन इनकी रिपोर्ट सही नहीं मानी जा सकती। इसलिए पॉजिटिव पाए जाने के बाद भी व्यक्ति को पॉजिटिव की श्रेणी में नहीं रखा जा रहा। एलिसा टेस्ट के लिए अपनी जरूरत को उच्च अधिकारियों के सामने रख दिया है। उम्मीद है कि शनिवार को जिला अस्पताल में एलिसा टेस्ट की सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
- डा. मोहम्मद यासीन, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, उधमपुर