उधमपुर। प्रदेश में दिन प्रतिदिन बढ़ रहे डेंगू के मामले सामने आने के बाद उधमपुर में भी स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। जिले में इस वर्ष तीन मामले सामने आ चुके हैं। इसके साथ एक मलेरिया का मामला भी सामने आया है।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी मेडिकल ब्लॉक में मलेरिया व डेंगू की जांच के लिए विशेष अभियान छेड़ दिया है। विभाग के कर्मी घर-घर पहुंच कर जांच कर रहे हैं। विभाग डेंगू से जिले को बचाने में बहुत पहले से कार्यरत है। फिर भी अब तीन लोग डेंगू और एक व्यक्ति मलेरिया का शिकार हो चुका है। विभाग ने सतर्कता बरतते हुए डेंगू व मलेरिया की पहचान के लिए घर-घर जाकर टेस्ट शुरू कर दिए हैं।
उधमपुर के सभी मेडिकल ब्लॉक में बीएमओ को निर्देश दिए हैं कि जिस पर भी डेंगू या फिर मलेरिया होने की संभावना हो, फौरन उसकी जांच की जाए। इसके साथ मेडिकल ब्लॉक लोगों को इसको लेकर जागरूक करना भी शुरू करें। उधमपुर में शहर के गैड़ा तालाब में एक, मजालता के खून में एक, संगूर में एक व्यक्ति संक्रमित पाया गया है। इसके साथ गढ़ी में मलेरिया का एक मामला सामने आया है।
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मलेरिया व डेंगू के लक्षण
मलेरिया या डेंगू होने पर शरीर में कंपकंपी पैदा होने लगती है। इस दौरान रोगी को तेज बुखार होना, शरीर में तेज दर्द होना, ज्यादा पसीना आना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इन लक्षणों की स्थिति में निकटतम स्वास्थ्य केंद्र व स्वास्थ्य कार्यकर्ता से तुरंत जांच करवानी चाहिए।
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मलेरिया व डेंगू से बचने के उपाय
घर या आसपास पानी जमा न होने दें। क्योंकि, जमा पानी में मलेरिया व डेंगू के मच्छर पैदा होते हैं। तमाम पानी के ढक्कन व टंकियों को ढंक कर रखें। सप्ताह में एक बार कूलर, पानी के ड्रम, गमलों, फूलदानों और पक्षियों के बर्तन में रखे पानी को जरूर बदलें। शरीर को पूरी तरह ढंकने वाले कपड़े पहनें, जिससे मच्छरों के काटने पर बचाव हो सके। बुखार होने पर खून की जांच मलेरिया पैरासाइड के लिए करवाएं।
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स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लगातार लोगों को इसके लिए जागरूक किया जा रहा है। डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है। जबकि मलेरिया का मच्छर गंदगी में होता है। इसलिए घरों में पानी जमा न होने दें। अपने आसपास सफाई रखें। जिले में इसको लेकर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। विभाग इसको लेकर पूरी तरह से सतर्क है।
- डा. मोहम्मद यासीन, डिस्ट्रिक्ट हेल्थ आफिसर, उधमपुर