उधमपुर। प्रधान सत्र न्यायाधीश वाईपी बॉर्नी ने वीरवार को मूक बधिर बच्ची से दुष्कर्म मामले में दोषी करनैल सिंह निवासी लड्डा मोंगरी, जिला उधमपुर को आठ साल की कठोर कारावास और 25000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
दोषी पर आरोप था कि उसने छह साल पहले एक मूक बधिर बच्ची के साथ उसके घर में घुसकर दुष्कर्म किया। लोक अभियोजक कौशल कोतवाल और आरोपी के वकील की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष की तरफ से पेश सभी सबूत स्पष्ट, प्रमाणित और मान्य हैं।
फैसला सुनाते समय प्रधान सत्र न्यायाधीश ने कहा कि दुष्कर्म केवल शारीरिक स्थिति नहीं है, बल्कि एक ऐसा अपराध है जो पीड़ित और उसके परिवार को पूरी तरह से बर्बाद कर देता है।
शारीरिक निशान (चोट) समय के साथ ठीक हो सकते हैं, लेकिन दुष्कर्म से घिरा हुआ मानसिक निशान शेष जीवन पर बना रहता है। अदालत ने आठ साल की कठोर कारावास और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माने की राशि को मुआवजे के रूप में पीड़िता को दिया जाएगा।