उधमपुर। नगर में रेहड़ी-फड़ी वाले नियम और आदेशों को मामने के लिए तैयार नहीं हैं। बुधवार को नो रेहड़ी जोन घोषित सलाथिया चौक और कोर्ट रोड में कार्रवाई के एक घंटे बाद फिर से रेहड़ियों की भरमार लग गई है। इससे लोगाें में प्रशासन के खिलाफ रोष है।
जानकारी के अनुसार कई बार चेतावनी देने के बाद भी नो रेहड़ी जोन से रेहड़ियों और फड़ियों हटाए नहीं जाने पर बुधवार को नगर परिषद की टीम ने कार्रवाई करना शुरू किया। टीम ने सलाथिया चौक से कोर्ट रोड तक सड़क किनारे पर खड़ी की रेहड़ियों और सामान को जब्त किया। कार्रवाई होती देख कई रेहड़ी वाले मौके से फरार भी हो गए। कार्रवाई कर जब टीम वापस लौटी तो एक घंटे बाद फिर से सलाथिया चौक और कोर्ट रोड रेहड़ियों व फड़ियों से भर गया। शहरवासियों ने अब नगर परिषद की कार्रवाई पर ही सवाल खड़ा करना शुरू किया है।
गौरतलब है कि जुलाई महीने में नगर परिषद ने शहर के अंदर सलाथिया चौक, कोर्ट रोड, रामनगर चौक, मुखर्जी बाजार, सिटी लाइन सिनेमा के सामने, गोल मार्केट, इंदिरा चौक सहित आठ स्थानों को नो रेहड़ी जोन घोषित किया था। कई सप्ताह तक नगर परिषद ने ड्रम वीटिंग के जरिए रेहड़ी व फड़ी वालों को नो रेहड़ी जाने से रेहड़ी व सामान हटाने का समय दिया था और सामान न हटने पर चेतावनी भी दी थी। लेकिन रेहड़ी और फड़ी वालों का इस पर कोई असर नहीं हुआ और किसी ने भी नो रेहड़ी जोन से सामान नहीं हटाया। बुधवार दोपहर को नगर परिषद की एक टीम कार्रवाई करने के लिए सलाथिया चौक पर पहुंची और रेहड़ी व फड़ी वालों का सामान जब्त कर कार्रवाई करना शुरू कर दिया। कार्रवाई के दौरान टीम ने पाया कि ज्यादातर रेहड़ियों और फड़ियां दुकानों के बाहर लगी हैं और इसमें दुकानदारों की भी पूरी मिलीभगत है। कई दुकानदार रेहड़ियों और फड़ियों को हटाने का विरोध कर रहे हैं। नगर परिषद की टीम का कहना है कि अब इस कार्रवाई को लगातार जारी रखा जाएगा।
वहीं, कार्रवाई कर जब नगर परिषद की टीम वापस लौटी तो एक घंटे बाद सलाथिया चौक और कोर्ट रोड रेहड़ियों से भर गया। दोनों इलाकों को देख कर लग रहा था कि कोई कार्रवाई हुई ही नहीं है। वहीं शहरवासियों ने नगर परिषद की कार्रवाई पर ही सवाल खड़ा करना शुरू कर दिया है। शहरवासियों का कहना है कि नगर परिषद केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए ही कार्रवाई कर रहा है। केवल चंद रेहड़ियों को कब्जे में लेकर दिखाया जाता है कि सख्त कार्रवाई की जा रही है। केवल चुनिंदा लोगों की रेहड़ियों के सामान को कब्जें में लिया जाता है, जबकि इनकी आंखों के सामने दूसरे रेहड़ी वाले निकल जाते हैं।