- एबीवीपी ने ज्ञापन सौंप शिकायत दर्ज करवाई, गैर स्थानीय शिक्षकों पर कार्रवाई की उठाई मांग
- व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर छात्राओं को दोस्ती व शादी करने के लिए कहा जा रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। महिला कॉलेज में छात्राओं के साथ अभद्रता और उन्हें परेशान करने का मामला सामने आया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) महिला काॅलेज विंग की कार्यकर्ताओं ने काॅलेज प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी शिकायत दर्ज करवाई है। काॅलेज प्रशासन ने कमेटी गठित कर जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
शिकायत में कहा गया है कि कुछ गैर स्थानीय अस्थायी शिक्षक कॉलेज की छात्राओं को व्हाट्सएप, कॉल और अन्य ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से परेशान कर रहे हैं। कॉलेज छात्र विंग ने अपने ज्ञापन में आराेप लगाए हैं कि कुछ मामलों में इन शिक्षकों ने छात्राओं को संदेश भेजकर उनसे दोस्ती एवं शादी करने के लिए कहा और कुछ मामलों में अभद्र तरीके से उनसे बात की। उनका दावा है कि यह केवल दो या तीन छात्राओं की कहानी नहीं है। इन लड़कियों ने किसी तरह साहस कर मामला उठाया, पता नहीं कितनी और छात्राओं के साथ ऐसा व्यवहार किया गया होगा या हो रहा हो।
उन्होंने कहा कि सुनने में आया है कि छात्राएं खुलकर सामने नहीं आ रही हैं, क्योंकि उनको डर है कि कहीं शिक्षक परीक्षाओं में उनसे इस बात का बदला न लें और उनके अंक कम कर दें या फेल कर दें। छात्र नेत्रियों का कहना है कि कुछ बच्चियां इस डर से नहीं बोल पा रही हैं कि कहीं उनके माता-पिता उन्हें कॉलेज भेजना बंद न कर दें। उनका आरोप है कि पिछले कई सालों से इस कॉलेज के अंदर ऐसी ही घटनाएं हो रही हैं। इन्हें ध्यान में रखते हुए एबीवीपी की कॉलेज इकाई मांग करती है कि यदि कोई शिक्षक व्हाट्सएप ग्रुप बनाता है जिसमें कॉलेज की छात्राओं को जोड़ा जाता है तो इसकी सूचना संबंधित विभागाध्यक्ष या प्राचार्य को दी जाए।
इसके अलावा कोई भी शिक्षक छात्राओं से फोन या चैटिंग कर बात करें तो पढ़ाई के अलावा किसी अन्य विषय पर बात न करे, शिक्षक छात्राओं को अपना उपनाम न बताकर अपना असली नाम बताए, इससे छात्रों में भ्रम की स्थिति पैदा होती है। साथ ही छात्राओं को सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी अनावश्यक रूप से उनके अंक नहीं काट सकता। जो नए शिक्षक कॉलेज में आए हैं और जिन्हें छात्राएं अभी तक अच्छे से नहीं पहचानती हैं, उनके लिए पहचान पत्र गले में पहनना अनिवार्य किया जाए, ताकि छात्राएं उनके उनके असली नाम जान सकें। छात्र परिषद की सदस्यों ने काॅलेज प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और कार्रवाई न करने पर कड़ा रुख अपनाने की चेतावनी दी है।
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कोट...जो भी दोषी पाया गया, कड़ी कार्रवाई की जाएगी : प्रिंसिपल
छात्राओं की शिकायत मिलने पर मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे स्टाफ की बैठक बुलाई गई। इसमें खासकर अस्थायी शिक्षकों पर लगाए गए गंभीर आरोपों को लेकर कड़ी चेतावनी दी गई है और मामले की जांच के लिए अनुशासन समिति को भी जांच के निर्देश दिए गए हैं। जो कोई भी दोषी पाया गया, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. नलिनी पठानिया, प्रिंसिपल