उधमपुर। सेंटर रोड फंड के तहत घोरडी से उधमपुर तक करीब 40 किलोमीटर लंबी सड़क का दोहरीकरण होगा। इस पर करीब 92 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पहले चरण में 40 करोड़ खर्च कर 14 किलोमीटर मार्ग का दोहरीकरण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की मंजूरी डेढ़ वर्ष पहले मिल गई थी, लेकिन राज्य सरकार की देरी से काम समय पर शुरू नहीं हो सका। ये बातें मंगलवार को पीएमओ में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने घोरडी में आयोजित सभा में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कही।
दोपहर करीब 12 बजे घोरडी पहुंचने पर डॉ. सिंह ने सड़क के निर्माण कार्य का नींव पत्थर रखा। इस दौरान चिनैनी के विधायक दीनानाथ भगत, ट्रांसपोर्ट राज्य मंत्री सुनील शर्मा, डीसी उधमपुर रवींद्र कुमार और अन्य मौजूद थे। डॉ. सिंह ने कहा कि उधमपुर-घोरडी मार्ग जिले के प्रमुख मार्गों में से एक है। इसके साथ रामनगर तहसील भी जुड़ी है। घोरडी से चौकी डालसर के जरिये रामनगर पहुंचा जा सकता है। करीब 65 हजार की आबादी इस मार्ग पर निर्भर है। इसी मार्ग के बीच कई एक्सीडेंट प्रोन एरिया भी है, जहां अभी तक कई गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। लेकिन अब सड़क के दोहरीकरण होने के बाद दुर्घटनाओं पर अंकुश लगेगा।
दूसरे चरण में 14 से 40 किलोमीटर तक सड़क का निर्माण होगा और इस पर करीब 52 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस मार्ग के डबल लेने होने के बाद ग्रामीणों को कृषि, वानिकी, मत्स्य पालन, दुग्ध व्यवसाय, शिक्षा, स्वास्थ्य, डाक सेवा व अन्य कई क्षेत्रों में लाभ मिलेगा। दूरदराज ग्रामीण इलाकों में सड़कें पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार विशेष तौर पर काम कर रही है। पीएमजीएसवाई के तहत लगातार फंडिंग की जा रही है और सरकार के पास सड़कों के लिए फंड की कोई कमी नहीं है। उन्होंने निर्माण कंपनी को समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए।
सड़क बनने से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
ट्रांसपोर्ट राज्य मंत्री सुनील शर्मा ने कहा कि सड़कों का जाल बिछाकर पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। विकास कार्य पर सरकार प्राथमिकता से काम कर रही है। सड़कों के जरिये पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। विधायक दीना नाथ भगत ने सभा के दौरान की ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और समाधान निकालने के लिए हर संभव प्रयास करने को कहा।