बीसी रोड फ्लाईओवर में बाइक पर पिता के साथ जा रहे छह साल के मासूम की मौत से पूरा शहर सन्न है। पतंग की डोर कहां से आई थी, किसने पतंग उड़ाई थी और कैसे बच्चे की जान गई। इस पर अभी भी संशय बरकरार है। पुलिस के अनुसार घायल होने के बाद तुरंत बच्चे का इलाज शुरू हुआ।
इस कारण उसका एमएलसी नहीं कट पाई। एमएलसी न कटने के कारण बस स्टैंड थाना पुलिस मामला दर्ज नहीं कर पाई है। हालांकि प्रारंभिक तफ्तीश में लिखा गया है कि पतंग की डोर लटकी थी। पतंग उड़कर आई थी और फंसी थी। इसी बीच बच्चा चपेट में आ गया। एमएलसी न कटने के कारण बच्चे का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया है।
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हादसे के बाद लोग काफी सहम गए। मोटरसाइकिलों और अन्य दोपहिया वाहनों में सफर करती बार सावधानी बरती गई। रास्तों में फंसी गट्टू डोर को लोग हटाते भी रहे। गट्टू डोर हर साल दो से तीन लोगों की मौत का कारण बनती है। बीते साल भी तीन लोग अपनी जान गवां चुके हैं। लापरवाही अब जान पर बन रही है।