कश्मीर घाटी में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने नई रणनीति बनाकर विदेशी आतंकियों का सफाया तेज कर दिया है। इस रणनीति के तहत तकनीक के साथ मानवीय स्त्रोत का सहारा लिया जा रहा है। रणनीति कारगर साबित हो रही है। इस वर्ष जनवरी के पहले दो हफ्तों में ही 14 आतंकियों को मार गिराया जा चुका है, जिनमें बाबर भाई और हमजा भाई समेत कुल 6 पाकिस्तानी आतंकी थे। इसके अलावा ओजीडब्ल्यू नेटवर्क की कमर तोड़ने में भी मदद मिल रही है। इस महीने में ही करीब एक दर्जन ओजीडब्ल्यू को घाटी में गिरफ्तार किया गया है।
सुरक्षाबलों के लिए घाटी में सक्रिय विदेशी आतंकी बड़ी चुनौती बने हुए हैं। यह आतंकी उच्च प्रशिक्षित होते हैं और कश्मीरी युवाओं को आतंकी संगठनों में भर्ती करवाने की फिराक में रहते हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि विदेशी आतंकी स्थानीय कश्मीरी युवाओं को आतंकी गुटों में शामिल करने के लिए घाटी में प्रशिक्षण शिविर चलाते हैं।
आतंकवाद में शामिल करने से पहले इन युवाओं को कट्टरपंथ का पाठ पढ़ाया जाता है। फिर कुछ दिनों का परीक्षण देकर आतंक के रास्ते पर झोंकते हैं। इसलिए आतंक को खत्म करने के लिए विदेशी आतंकियों के खात्मे पर फोकस किया जा रहा है।
आईजी ने कहा, विदेशी आतंकियों पर फाेकस
कश्मीर रेंज के आईजीपी विजय कुमार के अनुसार अगर एक विदेशी आतंकी घाटी में आता है तो इसका मतलब है कि वह 4 स्थानीय लड़कों को आतंकी रैंक में भर्ती करेगा। इसलिए हम विदेशी आतंकियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और उन सभी को जल्द खत्म करना चाहते हैं, ताकि युवाओं की आतंकी संगठनों में भर्ती को रोका जा सके।