कई दिनों तक पुलिसकर्मी की करते रहे रैकी
डीजीपी स्वैन ने कहा कि दानिश मल्ला पुलिसकर्मी के ही इलाके में रहता है। उसने दो हाइब्रिड आतंकवादी इम्तियाज खांडे और मेहनान खान को अपने साथ साजिश में मिलाया। आतंकी पिस्तौल हासिल करने में कामयाब रहे और हमले को अंजाम देने से पहले कई दिनों तक पुलिसकर्मी की रैकी करते रहे।
आतंकियों की रडार पर थे कई
पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमले में इस्तेमाल की गई पिस्तौल मेहनान खान से बरामद कर ली गई है। जबकि, मल्ला के पास से 57 पिस्तौल की गोलियां बरामद की गईं। पूछताछ के दौरान आतंकवादियों ने खुलासा किया कि उनके पास निशाना बनाए जाने वालों लोगों की टारगेट लिस्ट थी। आतंकियों की रडार पर पुलिसकर्मी और कुछ गैर-पुलिसकर्मी लोग थे।
यह पूछे जाने पर कि क्या गिरफ्तार लोगों का इंस्पेक्टर मसरूर वानी की हत्या में कोई हाथ था, डीजीपी ने कहा कि मामले की जांच एनआईए द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा, "वह (मामला) अभी भी जांच के दायरे में है, एनआईए ने जांच अपने हाथ में ले ली है। मुझे लगता है कि समय से पहले कनेक्शन जोड़ना शुरू करना अनुचित होगा।"
तुर्किये पिस्टल कैनिक टीपी9 बरामद
डीजीपी ने कहा कि हमले को अंजाम देने में तुर्किये पिस्टल कैनिक टीपी9 का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने कहा, कैनिक टीपी9 एक उच्च गुणवत्ता वाली पिस्तौल है और इसका वजन हल्का होता है। पुलिस प्रमुख ने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के पास से कैनिक टीपी9 बरामद किया गया है। उन्होंने कहा कि हम एक पैटर्न और एक प्रवृत्ति देख रहे हैं। छोटे हथियारों की इस श्रेणी को पाकिस्तान से हमारी सीमा में ड्रोन के माध्यम से और कई अन्य माध्यमों से तस्करी कर जम्मू-कश्मीर में लाया जा रहा है।