संदीप मावा ने कहा कि जेकेएलएफ 1960 के दशक से ही जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में शामिल था, जिसका नेतृत्व मकबूल भट, यासीन मलिक और बिट्टा कराटे जैसे आतंकी लोग कर रहे थे। उन्होंने उन्हें करारा जवाब दिया है।
व्यवसायी से राजनीतिक कार्यकर्ता बने संदीप मावा ने मंगलवार को प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन जम्मू एंड कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के कार्यालय के द्वार पर राष्ट्रीय ध्वज लगाया।
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जानकारी के अनुसार, संदीप मावा मंगलवार को अपने कुछ समर्थकों के साथ श्रीनगर के बोहरी कदल इलाके में पहुंचे। यहां उन्होंने जेकेएलएफ के कार्यालय मुख्य दरवाजे पर तिरंगा लगाया। फ्रंट का कार्यालय पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद से ज्यादातर बंद रहता है।
इस दौरान संदीप मावा ने कहा कि कश्मीरी देश विरोधी गतिविधियों के खिलाफ डट कर खड़े हैं। मावा ने कहा, 'जेकेएलएफ 1960 के दशक से ही जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में शामिल था, जिसका नेतृत्व मकबूल भट, यासीन मलिक और बिट्टा कराटे जैसे आतंकी लोग कर रहे थे, हमने उन्हें करारा जवाब दिया है।'
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संदीप मावा ने कहा कि कश्मीरी मुसलमान और पंडित मिलकर नया जम्मू कश्मीर बनाएंगे जहां शांति के रास्ते पर विकास और प्रगति होगी। गौरतलब है कि पिछले साल तीन अगस्त को मावा ने राजबाग इलाके में हुर्रियत कांफ्रेंस के दफ्तर के गेट पर भी राष्ट्रीय ध्वज फहराया था।