श्रीनगर में देश विरोधी तथा अलगाववादी गतिविधियों के लिए सोशल मीडिया के दुरुपयोग के मामले में राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने मंगलवार को घाटी के चार जिलों में छह स्थानों पर छापे मारे। जिन लोगों व संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई उन पर विदेशी सहयोगियों के साथ मिलकर घाटी में आतंकवाद तथा अलगाववाद को बढ़ावा देने का शक है।
यह सरकारी कर्मचारियों को निशाना बना रही हैं, जिससे उन्हें अपने कर्तव्यों को निभाने में मुश्किलें आ रही हैं। मंगलवार तड़के की गई इस कार्रवाई के दौरान अहम दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। इसमें मोबाइल फोन, सिम कार्ड शामिल हैं। इस कार्रवाई का उद्देश्य विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अलगाववादी, देशविरोधी भावनाओं को फैलाने में शामिल लोगों और समूहों को उजागर करना था।
एसआईए के एक अधिकारी के अनुसार एजेंसी ने कुपवाड़ा, अनंतनाग, पुलवामा और श्रीनगर जिलों में छह स्थानों पर तलाशी ली। जांच एजेंसी ने सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने और आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कथित रूप से विदेशी सहयोगियों के साथ सहयोग करने के संबंध में मामला दर्ज किया था।
इन चिह्नित संस्थाओं पर आतंकवाद और उसका समर्थन करने का भी आरोप है। हाल के दिनों में एसआईए, एनआईए और एसआईयू ने पूरे प्रदेश में अलगाववादी और आतंकी गतिविधियों पर शिकंजा और कड़ा किया है।
सुबूतों के विश्लेषण के बाद कार्रवाई होगी
जांच एजेंसी आरोपी लोगों और संगठनों के खिलाफ मामले को मजबूत बनाने के लिए सबूतों का विश्लेषण करेगी। एक व्यापक जांच के बाद कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। एसआईए-कश्मीर द्वारा देश में सोशल मीडिया संस्थाओं द्वारा भारत के खिलाफ नफरत फैलाने और आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कथित रूप से अपने विदेशी सहयोगियों के साथ सहयोग करने के संबंध में मामला दर्ज किया गया था।
चिह्नित संस्थाओं पर अपने नापाक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए विदेशी सहयोगियों के साथ मिलीभगत करने का संदेह है, जिसमें आतंकवाद को भड़काना और समर्थन करना शामिल है।