'द कश्मीर फाइल्स' फिल्म के रिलीज होने के बाद से देशभर में कश्मीरी पंडितों के साथ हुए जुल्म को लेकर चर्चा जोरों पर है और लगातार लोग पंडितों के लिए इंसाफ की मांग उजागर कर रहे है। कश्मीर में भी अब इस मामले को लेकर रोष दिखने लगा है। शनिवार को श्रीनगर के प्रेस एन्क्लेव में पंडित व्यापारियों ने जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के आतंकी बिट्टा कराटे का पुतला जलाया।
प्रदर्शनकारियों में शामिल संदीप मावा ने कश्मीर पंडितों के लिए इंसाफ और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस अत्याचार को बीते करीब तीस साल हो गए हैं, लेकिन विडंबना देखिए कि इस नरसंहार की बात कबूलने वाला आतंकी अब भी बस जेल में बंद है। मावा ने कहा कि देर से ही सही लेकिन सच अब लोगों के सामने आ रहा है।
'द कश्मीर फाइल्स' फिल्म में आतंकी बिट्टा की हैवानियत और लोगों को भड़काने वाला इंटरव्यू दिखाया गया है। नरसंहार में शामिल रहे इस आतंकी का असली नाम जावेद अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे है। बिट्टा एक खूंखार आतंकी रहा है, जिसने इंटरव्यू में बेखौफ होकर कश्मीरी हिंदुओं की हत्या की बात कबूली है। वह बताता है कि उसने करीब 20 लोगों को मौत के घाट उतारा। इसमें कश्मीर पंडित और मुसलमान भी शामिल हैं। वह बताता है कि उसने सबसे पहले सतीश कुमार टिक्कू को मारा, जोकि कश्मीरी पंडित परिवार से ताल्लुक रखता था। आतंकी बिट्टा वर्तमान में तिहाड़ जेल में बंद है।
अनुपम खेर और मिथुन चक्रवर्ती स्टारर फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' 11 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। फिल्म में 90 के दशक में कश्मीरी पंडितों को बेघर करने की कहानी दिखाई गई है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से जुड़ी कई फिल्में अब तक आ चुकी हैं। लेकिन, अब एक ऐसी फिल्म आई है जिसमें दिखाया गया है कि कैसे आतंकियों ने कश्मीरी पंडितों को उनके घरों से भागने के लिए मजबूर कर दिया था।