जम्मू के तालाब खटिकां के जामा मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजी नमाज अदा करने के लिए पहुंचे। वहीं, श्रीनगर के डाउनटाउन में का ईद मिलाद-उन-नबी का जुलूस निकला गया।
ईद मिलाद-उन-नबी के उपलक्ष्य पर जम्मू और श्रीनगर में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शुक्रवार को जम्मू के तालाब खटिकां के जामा मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजी नमाज अदा करने के लिए पहुंचे। वहीं, श्रीनगर के डाउनटाउन में का ईद मिलाद-उन-नबी का जुलूस निकला गया। जुलूस श्रीनगर की विभिन्न मस्जिदों से शुरू हुआ और शहर की सड़कों से होकर गुजरा। जुलूस मार्गों को रंग-बिरंगे बैनरों, फूलों और झंडों से सजाया गया था।
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श्रीनगर की ऐतिहासिक हजरतबल दरगाह पर भी बड़ी संख्या में अकीदतमंद एकत्रित हुए। जुलूस में धार्मिक उत्साह का जीवंत प्रदर्शन किया गया। कई लोग पवित्र कुरान की आयतें पढ़ते नजर आए और कुछ ने धार्मिक संदेशों वाले रंगीन बैनर और पोस्टर हाथों में लिए हुए थे।
जुलूस में पैगंबर के जीवन के दृश्यों को दर्शाने वाली झांकियां और सजे हुए वाहन भी शामिल थे। पैगंबर ए इस्लाम की यौमे पैदाइश का जश्न अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। अकीदतमंदों ने पैगंबर के प्रति अपना प्यार और सम्मान व्यक्त किया।
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तालाब खटिकां मस्जिद के इमाम ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब ने इस माह में दुनिया में आए थे। उन्होंने अपनी शिक्षाओं के माध्यम से हमेशा शांति, सद्भाव, भाईचारा, एकता और समानता का संदेश दिया है। उनकी शिक्षाएं धर्म, समुदाय के आधार पर व्यक्तियों के बीच किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकती हैं।