वहीं, खबर है कि कश्मीर में बदले हालातों के बीच कई कश्मीरी पंडित और अन्य अल्पसंख्यक कर्मचारी घाटी छोड़ कर जम्मू का रुख कर रहे हैं। कश्मीर संभाग के कुलागम, बांदीपोरा, अनंतनाग, बारामूला, शौपिया सहित अन्य जिलों में जम्मू संभाग के हजारों कर्मचारी कार्यरत हैं। कुलागम में ही कार्यरत एक शिक्षक ने नाम नहीं लिखने की शर्त पर कहा कि सभी में डर का महौल है। लगातार हो रही लक्षित हत्याओं ने हमें घाटी छोड़ने पर मजबूर किया है। रजनी बाला की हत्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह पहली बार है आतंकियों ने अनुसूचित जाति के किसी कर्मचारी को निशाना बनाया है।