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Target Killings: कश्मीरी पंडितों के तीन बड़े फैसले, कल से करेंगे सामूहिक पलायन, प्रदर्शन स्थगित, कई ने छोड़ी घाटी

Thu, 02 Jun 2022 06:12 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

कश्मीर अल्पसंख्यक फोरम ने कुलगाम में बैंक प्रबंधक की हत्या की वारदात की कड़ी निंदा की है। साथ ही उन्होंने तीन बड़े फैसले लिए हैं। इसमें कहा गया है कि वह शुक्रवार से घाटी से सामूहिक पलायन करेंगे क्योंकि सरकार ने उनके लिए कोई और विकल्प नहीं छोड़ा है।
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दक्षिण कश्मीर में बस का इंतजार करते हुए दो अल्पसंख्यक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दो दिन पहले कश्मीर में हुई अध्यापिका रजनी बाला की हत्या का गम कुछ कम नहीं हुआ था कि आज आतंकियों ने एक और टारगेट किलिंग को अंजाम दे दिया। बैंक प्रबंधक विजय कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। विजय राजस्थान के रहने वाले थे। इस हमले को लेकर कश्मीरी पंडितों ने एक आपात बैठक कर तीन बड़े फैसले लिए हैं।

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अलग-अलग ट्रांजिट कैंप से आए कश्मीरी पंडितों ने कश्मीर अल्पसंख्यक फोरम के बैनर तले बैठक की। इसमें बैंक अधिकारी विजय कुमार सहित सभी टारगेट किलिंग हमलों की निंदा की गई और इन्हें कायराना कृत्य करार दिया गया।

फोरम का कहना है कि बैठक में तीन मुख्य फैसले लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि घाटी में जारी सभी जगहों पर विरोध प्रदर्शनों को तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। फोरम का कहना है कि घाटी में सभी अल्पसंख्यकों के सामने सरकार ने कोई विकल्प नहीं छोड़ा है। ऐसे में वे शुक्रवार सुबह घाटी से बाहर पलायन करेंगे। फोरम ने घाटी में सभी प्रदर्शनकारियों से आह्वान किया है कि वे सभी नवयुग टनल के पास एकत्रित हों और यहां पर आगे की कार्यनीति तय करेंगे।

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वहीं, खबर है कि कश्मीर में बदले हालातों के बीच कई कश्मीरी पंडित और अन्य अल्पसंख्यक कर्मचारी घाटी छोड़ कर जम्मू का रुख कर रहे हैं। कश्मीर संभाग के कुलागम, बांदीपोरा, अनंतनाग, बारामूला, शौपिया सहित अन्य जिलों में जम्मू संभाग के हजारों कर्मचारी कार्यरत हैं। कुलागम में ही कार्यरत एक शिक्षक ने नाम नहीं लिखने की शर्त पर कहा कि सभी में डर का महौल है। लगातार हो रही लक्षित हत्याओं ने हमें घाटी छोड़ने पर मजबूर किया है। रजनी बाला की हत्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह पहली बार है आतंकियों ने अनुसूचित जाति के किसी कर्मचारी को निशाना बनाया है।
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