प्रदर्शनकारी अश्वनी ने कहा कि उपराज्यपाल हमें सब्र रखने के लिए कहते हैं लेकिन शायद वह चाहते हैं कि एक राहुल गया और जब तक और दस नहीं जाते तब तक वो आश्वासन ही देते रहेंगे। सरकार खोखले दावे करती है। एक अन्य प्रदर्शनकारी अमित ने कहा कि उनकी एक ही मांग है कि उन्हें घाटी से बाहर सुरक्षित स्थानों पर तैनाती दी जाए। साथ ही जो असंवैधानिक बाँड लिखवाया गया है, उसे रद्द किया जाए।
इसके बाद मार्च श्रीनगर के लाल चौक स्थित ऐतिहासिक घंटा घर पहुंचा। जहां बीच सड़क काफी देर तक प्रदर्शनकारियों ने धरना देकर प्रदेश प्रशासन और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की। यहां से मार्च जवाहर नगर स्थित भाजपा मुख्यालय पहुंचा। यहां भी नारेबाजी की गई। इस दौरान भाजपा नेता अल्ताफ ठाकुर और कुछ अन्य आश्वासन देने पहुंचे लेकिन उन्हें प्रदर्शनकारियों के गुस्से का सामना करना पड़ा।