साहिल बशीर के परिजनों के घर पहुंचे पुलिस अधिकारी एवं अन्य
- फोटो : फिदा हुसैन
दोनों आतंकियों से जूझने लगा साहिल बशीर
मां और उसने शोर मचाना शुरू किया। साहिल ने एक नकाबपोश को पकड़ लिया और उससे जूझने लगा। दोनों नकाबपोश साहिल से गिरफ्त छुड़ाने की कोशिश कर रहे थे। कुछ ही पलों में एक नकाबपोश ने पिस्टल निकाल साहिल को शूट कर दिया। खून से लथपथ साहिल जमीन पर जा गिरा। नकाबपोश घर से बाहर निकले और हवा में दो फायर कर दिए। मां बाहर लोगों से मदद के लिए गुहार लगा रही थी।
साहिल की बहन आपबीती बतातीं हुई
- फोटो : ANI
'कभी साहिल को खून से लथपथ देखती फिर बाहर मदद के लिए पुकराती'
साहिल की बहन ने बताया, 'मैं एक बार अपने भाई को खून से लथपथ देखती फिर बाहर मदद के लिए पुकराने चली जाती। गोलियों की आवाज सुन कोई भी उनके घर की तरफ नहीं आ रहा था और वो भी अपने भाई को तड़पता हुआ देखने को मजबूर थी। कुछ देर बाद वो पिता को बुलाने मस्जिद गई और फिर पिता और अन्य लोग घर पहुंचे। आनन-फानन में साहिल को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन दो नकबापोश आतंकियों से एक जूझने वाले साहिल को बचाया नहीं जा सका।
साहिल के घर के बाहर एकत्रित लोग व सुरक्षा बल
- फोटो : फिदा हुसैन
'आखिर कब तक हम लोग यूहीं घुट-घुट कर जीते रहेंगे'
ये सब सुना कर साहिल की बहन की आंखे भर आती हैं और वह पूछती है कि आखिर कब तक हम लोग यूहीं घुट-घुट कर जीते रहेंगे। उसने कहा कि अब तो उन्हें अपने घर के ही दूसरे कमरे में भी जाने से डर लगता है कि कहीं वहां पहले से कोई बंदूकधारी तो मौजूद नहीं। कहीं कोई फिर से तो नहीं उनके घर घुस कर गोलियों से सब को मार देगा। कश्मीर में ऐसा कब तक चलेगा। साहिल के परिवार की मांग है कि उसके भाई को इंसाफ मिले, जिस तरह उसे गोली मारी गई है उसके हत्यारों को भी गोली मारी जाए।